ग्रामीण भारत में Education से ज्यादा Tobacco पर खर्च , रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा


Bhawna Mishra

Bhawna Mishra

Jan 27, 2026


हाल ही में चौंकाने वाले सरकारी आंकड़े सामने आया हैं। एक रिसर्च के अनुसार,  ग्रामीण परिवार शिक्षा की तुलना में गुटखे पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं। हाउसहोल्ड कंजम्पशन एंड एक्सपेंडिचर सर्वे (HCES) के मुताबिक, ग्रामीण परिवार आने टोटल एक्सपेंडिचर का केवल 2.5% शिक्षा पर खर्च करते हैं। वहीं, 4% खर्च तंबाकू उत्पादों, खासकर गुटखे पर किया जाता है।

शहरी इलाकों में 77% तक पहुंचा तंबाकू पर खर्च

बता दें कि ये नतीजे ऐसे समय में आए हैं, जब 1 फरवरी से तंबाकू की कीमतें बढ़ने की उम्मीद है। सरकार देश भर में पब्लिक हेल्थ सर्विसेज़ को भी बढ़ा रही है। पिछले 10 सालों में तंबाकू का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है। 2011-12 से 2023-24 तक, ग्रामीण इलाकों में तंबाकू पर प्रति व्यक्ति खर्च 58% बढ़ा।

शहरी इलाकों में यह बढ़ोतरी 77% रही। अब ग्रामीण भारत में हर महीने प्रति व्यक्ति खर्च का लगभग 1.5% हिस्सा तंबाकू पर जाता है। शहरी भारत में यह आंकड़ा 1% है।

भले ही तंबाकू पर खर्च कम लग सकता है। लेकिन इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ग्रामीण भारत में तंबाकू इस्तेमाल करने वाले घरों की संख्या 9.9 करोड़ से बढ़कर 13.3 करोड़ हो गई है। यह ग्रामीण घरों का 59.3% से बढ़कर 68.6% हो गया है। 

शहरों में तेजी से फैलती तंबाकू की आदत

तंबाकू की खपत भारत में एक बार फिर चिंता का कारण बनती दिख रही है। खासतौर पर शहरी इलाकों में इसका असर तेज़ी से बढ़ा है। एक रीसेंट सर्वे के मुताबिक, तंबाकू का सेवन करने वाले शहरी परिवारों की संख्या में 59% की बढ़ोतरी हुई है। यह आंकड़ा 2.8 करोड़ से बढ़कर 4.7 करोड़ तक पहुंच गया है। अब लगभग हर दूसरा शहरी परिवार तंबाकू का इस्तेमाल कर रहा है।

ग्रामीण भारत में भी हालात अलग नहीं हैं। यहां तंबाकू के बढ़ते इस्तेमाल की वजह गुटखा और पत्ते वाला तंबाकू बन रहा है। ये सस्ते और आसानी से मिलने वाले टोबैको प्रोडक्ट्स तेजी से फैल रहे हैं। हालांकि शहरों में तस्वीर थोड़ी अलग है। यहां सिगरेट की सेल में काफी उछाल देखा गया है। लेकिन इसके साथ ही गुटखा का बढ़ता चलन भी चिंता बढ़ा रहा है। इस पूरे सर्वे में सबसे चौंकाने वाला फैक्ट, गुटखा को लेकर सामने आया है।

ग्रामीण भारत में गुटखा सेवन 5.3% से बढ़कर 30.4%

ग्रामीण भारत में गुटखे की पकड़ तेज़ी से मज़बूत हुई है। गुटखा का सेवन करीब छह गुना बढ़ा है। अब ग्रामीण इलाकों में तंबाकू पर होने वाले खर्च का लगभग 41%, गुटके पर खर्च होता है। 

वही कई राज्यों में गुटखे का इस्तेमाल राष्ट्रीय ग्रामीण औसत से कहीं ज़्यादा है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और राजस्थान इस लिस्ट में शामिल हैं। ग्रामीण मध्य प्रदेश में हालात सबसे ज्यादा गंभीर हैं। यहां करीब 60% घरों में गुटखा का सेवन किया जाता है। रूरल उत्तर प्रदेश में भी तस्वीर चिंताजनक है। यहां 50% से ज़्यादा घरों ने गुटखा इस्तेमाल करने की बात कही गई है।

यह ट्रेंड अब शहरों तक भी पहुंचने लगा है। इन राज्यों के शहरी इलाकों में भी गुटखा का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश में लगभग हर दूसरा शहरी घर गुटखा का सेवन करता है। उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में भी स्थिति अलग नहीं है। इन राज्यों में एक-तिहाई से ज़्यादा शहरी घर गुटखा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

Summary:

हाल ही में सरकारी आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण परिवार शिक्षा की तुलना में गुटखे पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में गुटखा का सेवन छह गुना बढ़कर 5.3% से 30.4% हो गया है। कई राज्यों में स्थिति और गंभीर है। शहरी भारत में सिगरेट और गुटके की लत तेजी से बढ़ रही हैं। तंबाकू का कंसम्पशन में लगातार वृद्धि हो रही है। जो सेहत और जेब दोनों को प्रभावित करता है।


Bhawna Mishra
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She is a seasoned writer with a passion for Storytelling and a keen interest in diverse topics. With 2.5 years of experience, she excels in writing about Tech, Sports, Entertainment, and various Niche topics. Bhawna holds a Postgraduate Degree in Journalism and Mass Communication from St Wilfred’s College of Jaipur.

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