नए निपाह वायरस (Nipah Virus) मामलों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। भारत अब दोबारा ग्लोबल हेल्थ वॉच के दायरे में आ गया है। इसके बाद कई देशों ने एयरपोर्ट पर हेल्थ स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। ये कदम कोविड-19 के दौर की याद दिलाते हैं। इससे स्वास्थ्य अधिकारियों और यात्रियों में सतर्कता बढ़ी है। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि निपाह वायरस कोविड जितनी तेजी से नहीं फैलता है।

क्यों इतना खतरनाक है निपाह वायरस?
निपाह वायरस एक जानवरों से फैलने वाला संक्रमण है। यह इंसानों में जानवरों से पहुंचता है। फ्रूट बैट्स इसके मुख्य स्रोत माने जाते हैं। खासतौर पर, संक्रमित जानवर या व्यक्ति के संपर्क से भी यह फैलता है। इसके सिम्टम्स की बात करें तो शुरुआत में बुखार और सिरदर्द होता है। सांस लेने में दिक्कत भी हो सकती है। कुछ सीरियस केस में यह दिमाग को प्रभावित करता है। ऐसे में कोमा या मौत का खतरा रहता है।
दरअसल निपाह वायरस को लेकर सबसे बड़ी चिंता इसकी हाई फटेलिटी रेट है। पिछले कुछ केस में यह 40% से 75% तक रही है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि अभी इसकी कोई वैक्सीन या पक्का इलाज नहीं है।
भारत से आने वाले पैसेंजर्स की बढ़ी सख्ती
हाल ही में सामने आए कुछ मामलों के बाद कई देशों में सतर्कता बढ़ सकती है। एशिया और मिडिल ईस्ट के देशों ने भारत से आने वाले पैसेंजर्स की जांच तेज़ कर दी है। एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग शुरू की गई है। यात्रियों के लिए हेल्थ डिक्लेरेशन फॉर्म भरना अब अनिवार्य है। इस बीच हेल्थ डिपार्टमेंट ने नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि ये कदम सिर्फ एहतियाती कदम है। वायरस के लक्षण दिखने पर यात्रियों को निगरानी में रखा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर आइसोलेशन भी किया जाएगा।
निपाह वायरस से बचने के ये हैं उपाय
इस खतरनाक वायरस के रोकथाम के लिए भारत में अधिकारियों ने तेजी से कदम उठाए हैं। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू की गई है। जो लोग ज्यादा सीरियस हैं, उन्हें क्वारंटाइन किया जा रहा है। अस्पतालों में संक्रमण रोकने के सख्त नियम लागू किए गए हैं।
पब्लिक हेल्थ टीम्स, हेल्थवर्कर्स और परिवार के सदस्यों पर भी नजर रख रही हैं। खासतौर पर जो संक्रमित लोगों के संपर्क में आए हैं। राज्य सरकारों ने लोगों को एडवाइजरी जारी की है। जैसे बिना धोए फल-फूल खाने से बचें। बीमार लोगों से कम संपर्क करें। लक्षण दिखें तो तुरंत रिपोर्ट करें।
निपाह वायरस पर एक्सपर्ट्स की सलाह
इस बारे में बात करते हुए पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स ने बताया कि निपाह वायरस कोविड-19 या इन्फ्लूएंजा (H1N1) की तरह आसानी से नहीं फैलता। इंसानों में फैलने के लिए मरीज के करीब लंबे समय तक रहना जरूरी है। ऐसे में अगर कुछ ज़रूरी नियमों का पालन किया जाए, तो इसे फैलने से रोका जा सकता है।
Summary:
पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस का मामला सामने आया है। इसके बाद कई देशों ने भारत से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। निपाह इंसानों में आसानी से नहीं फैलता। लेकिन गंभीर होने पर मौत का खतरा होता है। भारत में अधिकारियों ने क्वारंटाइन, ट्रेसिंग और अस्पतालों में कड़े नियम लागू किए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही कदम उठाने से निपाह को फैलने से रोका जा सकता है।
