NEET-PG 2025: Cut-Off घटाने पर SC में सरकार का बचाव, मेडिकल स्टैंडर्ड पर क्या होगा असर?


Bhawna Mishra

Bhawna Mishra

Feb 27, 2026


NEET-PG 2025 काउंसलिंग मामले पर एक नई अपडेट सामने आई है। हाल ही में इस मामले पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा। सरकार ने कट-ऑफ कम करने के अपने फैसले का बचाव किया है। 

दरअसल पिछले कुछ समय से इस फैसले पर विवाद चल रहा है। इस बीच  सरकार ने कहा, कम किया गया ‘कट-ऑफ अयोग्यता नहीं दर्शाता’। उसके अनुसार, इससे मेडिकल स्टैंडर्ड को कोई नुकसान नहीं होगा।

NEET-PG 2025: कट-ऑफ कम करने की वजह

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को इस फैसले की असली वजह बताई। दरअसल, PG मेडिकल कॉलेजों में बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई थीं। ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के तहत 9,600 से अधिक सीटें नहीं भर पाई। इतना ही नहीं, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी कई सीटें खाली थीं। 

सरकार ने तर्क देते हुए बताया कि इतनी सीटें खाली छोड़ना ठीक नहीं था। इसी वजह से एलिजिबल कैंडिडेट्स की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया। यहां तक कि क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल कम कर दी गई। कुछ मामलों में इसे लगभग  ‘जीरो’ तक लाया गया।

डॉक्टर बनने की योग्यता पहले ही तय

इस मामले पर अधिकारियों ने कोर्ट को स्पष्ट रूप से बताया कि NEET-PG का उद्देश्य केवल मेरिट के आधार पर सीटें अलॉट करना है। सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कैंडिडेट्स के पास पहले से ही MBBS डिग्री है और उन्होंने इंटर्नशिप पूरी कर ली है। ऐसे में डॉक्टरी के लिए बेसिस नॉलेज और हुनर वे पहले ही साबित कर चुके हैं।

पिटीशनर्स ने कोर्ट में रखी अपनी दलील

सरकार के इस जवाब पर पिटीशनर्स ने कोर्ट में कई सवाल उठाए हैं। उन्हें कोर्ट में रिप्रेजेंट कर रहे वकीलों का कहना है कि काउंसलिंग के बीच नियम बदलना गैर-कानूनी है। सीनियर लीगल काउंसल ने चेतावनी दी कि सिंगल-डिजिट या नेगेटिव स्कोर वाले उम्मीदवारों को डॉक्टर बनाना मेडिकल स्टैंडर्ड्स के साथ खिलवाड़ है। ऐसे में अगर ये ग्रेजुएट्स क्लिनिकल प्रैक्टिस शुरू करेंगे,  तो पेशेंट सेफ्टी पर बुरा असर पड़ सकता है।

SC ने सरकार से मांगा जवाब

इस मामले पर जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आलोक अराधे की बेंच ने गहरी चिंता जताई है। कोर्ट ने जवाब मांगा कि कट-ऑफ में इतनी भारी कटौती के बाद मेडिकल शिक्षा और ट्रेनिंग क्वालिटी का क्या होगा। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह यह स्पष्ट करें कि नियमों में इस तरह के बदलाव से मेडिकल स्टैंडर्ड्स के साथ कोई समझौता नहीं होगा। फिलहाल, कोर्ट ने सभी दलीलें और सबूत देखने के लिए सुनवाई को आगे टाल दिया है।

सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर

फिलहाल यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। कोर्ट ने इस केस में अगली तारीख तय कर दी है। आने वाली सुनवाई में कट-ऑफ और इसके असर पर विस्तार से चर्चा होगी। कोर्ट यह देखेगा कि फैसले का छात्रों और हेल्थ सिस्टम पर क्या प्रभाव पड़ता है। सुनवाई के दौरान सभी पक्ष अपनी दलीलें रखेंगे। अंतिम फैसला इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

60-Word Summary:

NEET-PG 2025 काउंसलिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में विवाद जारी है। केंद्र सरकार ने कट-ऑफ कम करने का बचाव किया। सरकार का कहना है कि  9,600 से ज्यादा PG सीटें खाली थीं। मंत्रालय ने दावा किया कि इससे मेडिकल स्टैंडर्ड पर असर नहीं होगा। पिटीशनर्स ने नियम बदलने को गैर-कानूनी बताया। उनके वकीलों ने नियम बदलने पर सवाल उठाए। कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा और सुनवाई आगे टाल दी। अगली सुनवाई में इस मामले पर पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।


Bhawna Mishra
Bhawna Mishra
  • 508 Posts

She is a seasoned writer with a passion for Storytelling and a keen interest in diverse topics. With 2.5 years of experience, she excels in writing about Tech, Sports, Entertainment, and various Niche topics. Bhawna holds a Postgraduate Degree in Journalism and Mass Communication from St Wilfred’s College of Jaipur.

Subscribe Now!

Get latest news and views related to startups, tech and business

You Might Also Like

Recent Posts

Related Videos

   

Subscribe Now!

Get latest news and views related to startups, tech and business

who's online