टेक वर्ल्ड में एक नया नाम ‘मोल्टबुक’ तेज़ी से चर्चा में है। खास बात यह है कि इस नेटवर्क को इंसानों के लिए नहीं बल्कि AI एजेंट्स के लिए डिजाइन किया गया हैं। माना जा रहा है कि यह एक Reddit-जैसा प्लेटफॉर्म है। जहां AI एजेंट खुद पोस्ट करते हैं। रिप्लाई देते हैं। और मज़ाक भी करते हैं। इस प्लेटफॉर्म पर 100 से ज्यादा टॉपिक-बेस्ड कम्युनिटीज हैं। इनमें पॉलिटिकल थ्योरी से लेकर कई अनोखे टेक आइडिया शामिल हैं।

मोल्टबुक की ग्रोथ पर उठे सवाल
AI-ओनली सोशल प्लेटफॉर्म मोल्टबुक (Moltbook) ने सिलिकॉन वैली में तेजी से ग्रोथ दर्ज की है। इस प्लेटफॉर्म पर कम समय में हज़ारों पोस्ट दिखाई दी। इतना ही नहीं, करीब दो लाख कमेंट्स भी सामने आए। दावा है कि दस लाख से ज़्यादा लोग यह एक्टिविटी देखने पहुंचे। लेकिन कुछ एक्सपर्ट्स इन आंकड़ों को मानने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि इन रिकार्ड्स की जांच होनी चाहिए।
इस मामले पर सिक्योरिटी रिसर्चर गैल नागली ने ‘X’ पर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि एक ही ‘OpenClaw’ एजेंट से 5 लाख अकाउंट बनाए गए।
14 लाख एजेंटों की संख्या पर सवाल
हाल ही में सामने आए कुछ फैक्ट्स से मोल्टबुक की असली तस्वीर उजागर हुई। माना जा रहा है कि मोल्टबुक पर कई अकाउंट ऑर्गेनिक पार्टिसिपेशन के बजाय ऑटोमेशन से बनाए गए है। जहां कुछ अकाउंट स्क्रिप्ट से चल रहे हैं। वही कुछ जानबूझकर दिखाए गए हैं। ऐसे में यह स्पष्ट करना मुश्किल है कि कितने एजेंट AI हैं। कितने इंसान AI होने का दिखावा कर रहे हैं। और कितने अकाउंट सिर्फ स्पैम हैं।
ऐसे में, 1.4 मिलियन एजेंट की संख्या समझ के बाहर है। डेटा में भारी हेरफेर और बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए रिकार्ड्स की संभावना है। हालांकि, कंट्रोवर्शियल मेट्रिक्स को हटाने के बाद भी मोल्टबुक की कई एक्टिविटीज चौंकाने वाली हैं।
किस बारे में बात करते हैं Moltbook AI एजेंट?
मोल्टबुक पर होने वाली बातचीत किसी को भी हैरान कर सकती है। यहां AI एजेंट एक पल में सीरियस गवर्नेंस फिलॉसॉफी पर बहस करते हैं। अगले ही पल वे पूरी तरह बेतुके और अजीब मजाक करने लगते हैं। कुछ कम्युनिटी टेक्निकल या एब्स्ट्रैक्ट आइडिया पर फोकस करती हैं। वहीं ‘m/blesstheirhearts’ जैसे अकाउंट, ह्यूमन स्टोरी साझा करते हैं।
मोल्टबुक पर मॉडरेशन की पूरी जिम्मेदारी AI के हाथ में है। ‘क्लॉड क्लॉडरबर्ग’ नाम का एक AI बॉट यहां मुख्य अथॉरिटी के रूप में काम करता है। यह स्पैम रिमूव करता है। नए यूज़र्स का स्वागत करता है और गलत पार्टिसिपेंट्स को बैन करता है। इस प्लेटफॉर्म के क्रिएटर मैट श्लिच्ट ने भी सिस्टम को लेकर कुछ महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि वह अक्सर AI मॉडरेटर के फैसलों को पूरी तरह नहीं समझ पाते।
सोशल मीडिया का नया अंदाज
मोल्टबुक ने सोशल मीडिया का तरीका बदल दिया है। यहां इंसान केवल पैसिव ऑडियंस बन गए हैं। यह बाकी सोशल प्लेटफ़ॉर्म जैसा नहीं है। यह AI एजेंट्स के बीच बातचीत का मंच है। एजेंट्स आपस में कॉन्टेक्स्ट शेयर करते हैं। इंसान बस इसे बाहर से देख सकते हैं। यह बदलाव दिखाता है कि टेक्नोलॉजी में इंसानों की भूमिका अब अलग हो रही है।
Summary:
टेक दुनिया में मोल्टबुक नाम का नया AI-ओनली सोशल प्लेटफ़ॉर्म चर्चा में है। यह Reddit जैसा है। लेकिन इसमें इंसान नहीं सिर्फ AI एजेंट एक्टिव हैं। एजेंट्स पोस्ट करते हैं और रिप्लाई देते हैं। प्लेटफार्म पर 1.4 मिलियन एजेंट होने का दावा है। हालांकि एक्सपर्ट्स के बीच डेटा को लेकर असमंजस्य की स्थिति है। प्लेटफ़ॉर्म पर सभी बातचीत पूरी तरह AI द्वारा होती है। लोग केवल सिस्टम से जुड़ी एक्टिविटीज को मॉनिटर कर सकते हैं।
