मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब एविएशन सेक्टर पर भी साफ दिखाई दे रहा है। यूनाइटेड स्टेट्स, इज़राइल और ईरान के बीच जारी टकराव के चलते पूरे क्षेत्र में कई एयर रूट्स बंद हो गए हैं। इस स्थिति को देखते हुए इंडियन एयरलाइंस ने यात्रियों को राहत देने का फैसला लिया है। इसके तहत, फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए योजना बनाई गई है। अब भारत और गल्फ क्षेत्र के बीच 58 फ्लाइट्स ऑपरेट की जाएंगी।
बता दें कि फिलहाल क्षेत्र में कई एयरस्पेस पूरी तरह बंद हैं। इसकी वजह से दुनिया भर में फ्लाइट्स के रुट्स बदलने पड़े हैं। इस बीच, भारतीय एयरलाइंस का यह निर्णय फंसे हुए यात्रियों किसी उम्मीद से कम नहीं है।

फ्लाइट रुकावट पर सरकार का बड़ा कदम
मिडिल ईस्ट में बने हालात के बीच सरकार ने बताया कि डोमेस्टिक एयरलाइंस ने अपने फ्लाइट शेड्यूल में बदलाव किया है। ऐसी परिस्थितियों के बावजूद लिमिटेड स्लॉट्स में फ्लाइट्स ऑपरेट की जा रही हैं। इन फ्लाइट्स का उद्देश्य क्षेत्र में फंसे यात्रियों को राहत देना है। साथ ही भारत और इंटरनेशनल डेस्टिनेशंस के बीच जरूरी एयर कनेक्टिविटी बनाए रखना है।
अधिकारियों के मुताबिक हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरलाइंस लगातार नजर रख रही हैं। आगे के ऑपरेशन इसी इवैल्यूएशन के आधार पर तय किए जाएंगे।
फ्लाइट ऑपरेशन में कई एयरलाइंस की भागीदारी
सरकारी डेटा के जरिए फ्लाइट्स की पूरी लिस्ट जारी कर दी है। फ्लाइट्स में कई टॉप एयरलाइंस कंपनी शामिल हैं। इंडिगो करीब 30 फ्लाइट्स चलाएगी। वही एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस मिलकर 23 फ्लाइट्स ऑपरेट करेंगी।इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर दूसरी एयरलाइंस भी अतिरिक्त फ्लाइट्स चला सकती हैं।
इंडियन एयरलाइंस के साथ विदेशी एयरलाइंस भी हालात पर नजर रख रही हैं। एयरस्पेस की अवेलेबिलिटी और सेफ्टी असेसमेंट के आधार पर भारत और गल्फ डेस्टिनेशन के बीच लिमिटेड फ्लाइट्स चलाई जा रही हैं।
मिडिल ईस्ट संकट से ग्लोबल एविएशन पर असर
मिडिल ईस्ट के तनाव से दुनिया भर की फ्लाइट्स पर असर पड़ा है। आमतौर पर कई इंटरनेशनल रूट ईरान, इराक और आसपास के एयरस्पेस से गुजरते हैं। जिन्हे फिलहाल के लिए बंद कर दिया गया हैं। यही कारण है कि एयरलाइंस को फ़्लाइट कैंसिल करनी पड़ रही हैं। कई फ्लाइट्स को रुट्स बदलना पड़ा।
हालांकि इसका असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। एशिया, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका को कनेक्ट करने वाले कई रूट इससे प्रभावित हुए हैं। यह एरिया ग्लोबल एविएशन के लिए अहम कॉरिडोर माना जाता है।
मिडिल ईस्ट तनाव से हजारों फ्लाइट्स रद्द
एविएशन संकट के चलते अब तक हजारों उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। अधिकारियों के मुताबिक, भारतीय एयरलाइंस की 1,200 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हुई हैं। वहीं इंटरनेशनल एयरलाइंस की भी सैकड़ों उड़ानें रद्द की गई हैं। मिडिल ईस्ट के तनाव ने पैसेंजर्स की मुसीबत बढ़ा दी है।
दुनिया भर के कई एयरपोर्ट्स पर हजारों की संख्या में पैसेंजर्स फंस गए हैं। रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक इन फ्लाइट्स को फिर से शुरू करने की कोशिश जारी है।
एयरस्पेस संकट पर सरकार की बढ़ी निगरानी
सिविल एविएशन मंत्रालय ने कहा है कि वह एयरस्पेस के बदलते हालात पर लगातार नजर रख रहा है। पैसेंजर्स की सेफ्टी के लिए एयरलाइंस से लगातार बात हो रही है। अगर हालात बिगड़ें, तो और फ्लाइट्स रद्द हो सकती हैं। कुछ एयरलाइन्स ने रूट में भी बदलाव किए है। फिलहाल 58 फ्लाइट्स चलाने की योजना बनाई गई है। यह उड़ानें पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही शुरू होंगी। एयरलाइंस के लिए यह पिछले कई सालों में सबसे मुश्किल समय है।
60-Words Summary:
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब ग्लोबल एविएशन पर साफ दिख रहा है। कई एयरस्पेस बंद होने से 1,200 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द हो चुकी हैं। यात्रियों की मदद के लिए सरकार ने अब नया प्लान बनाया है। इसके तहत इंडिगो और एयर इंडिया जैसी कंपनियां 58 स्पेशल ट्रेन चलाएंगी। सरकार लगातार सिचुएशन को मॉनिटर कर रही है। एयरलाइंस सुरक्षा के आधार पर ही आगे के ऑपरेशन तय करेंगी।
