Maharashtra Govt का बड़ा फैसला! महिला कर्मचारियों के लिए बदली ऑफिस टाइमिंग, जानें नया नियम


Bhawna Mishra

Bhawna Mishra

Mar 15, 2026


महाराष्ट्र सरकार ने महिला कर्मचारियों के लिए नई पहल शुरू की है। इसके तहत मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में काम करने वाली सरकारी महिलाओं को अब ऑफिस से जल्दी निकलने की छूट मिलेगी। राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर इस योजना की घोषणा की। इस योजना का नाम ‘जल्दी आओ, जल्दी जाओ’ रखा गया है। इसके तहत महिलाओं को फ्लेक्सिबल वर्किंग ऑवर्स की सुविधा दी जाएगी। 

इस पॉलिसी का उद्देश्य महिला कर्मचारियों के लिए काम और पर्सनल लाइफ में बैलेंस बनाना है। मुंबई में रोज़ाना आने-जाने की परेशानी भी एक बड़ी वजह है। खासकर पीक ऑवर्स में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

क्या है ‘जल्दी आओ, जल्दी जाओ’  स्कीम?

इस स्कीम के तहत महिला सरकारी कर्मचारी सुबह 9:15 बजे से 9:45 बजे के बीच ऑफिस आ सकती हैं। जो कर्मचारी जितनी जल्दी आएंगी, वे शाम को उतनी ही पहले जा सकेंगी। हालांकि, यह छूट मैक्सिमम 30 मिनट तक ही होगी। 

उदाहरण के लिए, अगर कोई एम्प्लॉयी तय समय से 20 मिनट पहले ऑफिस आती है। तो वह शाम को 20 मिनट पहले जा सकती है। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि इस फ्लेक्सिबल शेड्यूल से सरकारी काम प्रभावित नहीं होना चाहिए। 

भीड़भाड़ वाले सफर से महिलाओं को राहत

यह फैसला मुंबई में रोज़ाना होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए लिया गया है। शहर का उपनगरीय रेलवे नेटवर्क हर दिन लाखों यात्रियों को ढोता है। भीड़भाड़ वाली ट्रेनों और ट्रैफिक के कारण महिला कर्मचारियों को पीक ऑवर्स में काफी परेशानी होती है।

यह फैसला मुंबई की लोकल ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए लिया गया है। हर दिन लाखों लोग मुंबई की लोकल और मेट्रो ट्रेन में सफर करते हैं। जिसके कारण पीक आवर्स में महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में महिलाओं के लिए भीड़भाड़ से बचकर सफर करना अब ज्यादा सुरक्षित और आसान हो जाएगा। 

किन कर्मचारियों को मिलेगा इस स्कीम का लाभ?

बता दें कि यह नई सुविधा केवल मुंबई नगर निगम (BMC) और MMR क्षेत्र के आसपास के जिलों में काम करने वाली महिलाओं के लिए है। सरकारी आदेश के अनुसार, महिला अधिकारी और कर्मचारी इस फ्लेक्सिबल शेड्यूल का लाभ उठा सकेंगी।

हालांकि, कुछ खास स्थितियों में यह छूट नहीं मिलेगी। अगर कोई बहुत जरूरी सरकारी काम, कोर्ट से जुड़ा मामला या विधानसभा की ड्यूटी है। तो समय में बदलाव की इजाजत नहीं होगी। ऐसे जरूरी मौकों पर महिला कर्मचारियों को फिक्स टाइम का ही पालन करना होगा।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

यह पहल महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। राज्य सरकार वर्कप्लेस को महिलाओं के लिए अनुकूल बनाना चाहती है। इसी कड़ी में, सरकार ने मैटरनिटी लीव का भी विस्तार किया है। 

अब महिलाओं को 180 दिनों की मैटरनिटी लीव मिलेगी। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर वे हॉफ सैलरी पर अतिरिक्त छुट्टी भी ले सकती हैं। इन सभी बदलावों का उद्देश्य कामकाजी महिलाओं की मदद करना है।

60-Words Summary:

महाराष्ट्र सरकार ने महिला कर्मचारियों के लिए नई पहल शुरू की है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने ‘कम अर्ली, गो अर्ली’ मॉडल का ऐलान किया। इसके तहत महिलाओं को फ्लेक्सिबल ऑफिस टाइमिंग की सुविधा दी जाएगी। इसका मकसद भीड़भाड़ वाले सफर से राहत देना है। साथ ही काम और पर्सनल लाइफ में संतुलन बनाना भी है। सरकार के इस कदम से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।


Bhawna Mishra
Bhawna Mishra
  • 527 Posts

She is a seasoned writer with a passion for Storytelling and a keen interest in diverse topics. With 2.5 years of experience, she excels in writing about Tech, Sports, Entertainment, and various Niche topics. Bhawna holds a Postgraduate Degree in Journalism and Mass Communication from St Wilfred’s College of Jaipur.

Subscribe Now!

Get latest news and views related to startups, tech and business

You Might Also Like

Recent Posts

Related Videos

   

Subscribe Now!

Get latest news and views related to startups, tech and business

who's online