जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO ने दुनियाभर के शेयर मार्केट में नया इतिहास रच दिया है। कंपनी के 30,213 करोड़ रुपये के पब्लिक इश्यू को एक करोड़ से ज्यादा आवेदन मिले हैं। इसके साथ ही, जियो प्लेटफॉर्म्स ऐसा करने वाला दुनिया का पहला IPO बन गया है। इस रिकॉर्ड-ब्रेकिंग रिस्पॉन्स ने टेक्नोलॉजी और डिजिटल की बढ़ती लोकप्रियता को दिखाया है।
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को इन्वेस्टर्स का अच्छा साथ मिला। रिटेल इन्वेस्टर्स से लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरहोल्डर्स तक, कई सेगमेंट ने इस इश्यू में दिलचस्पी दिखाई। कंपनी का ₹30,213 करोड़ का पब्लिक इश्यू 23 अक्टूबर, 2026 को बंद हो गया।

जियो IPO ने बनाया नया ग्लोबल रिकॉर्ड
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO ने आवेदन के मामले में नया रिकॉर्ड बना दिया है। बिडिंग के आखिरी दिन तक इसे मिलने वाले एप्लीकेशन की संख्या एक करोड़ के पार पहुंच गई।
इसके साथ ही कंपनी ने वारी एनर्जीज के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। वारी एनर्जीज के IPO को करीब 97.34 लाख आवेदन मिले थे।
इसके अलावा, बजाज हाउसिंग फाइनेंस और भारत कोकिंग कोल के IPO को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। हालांकि, एक करोड़ से ज्यादा आवेदन पाने वाला जियो प्लेटफॉर्म्स दुनिया का पहला IPO बन गया है।
₹30,213 करोड़ के IPO को मिला शानदार रिस्पॉन्स
बता दें कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने IPO के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी का वैल्यूएशन करीब ₹10.3 लाख करोड़ यानी 108 अरब डॉलर रहा।
इस IPO के तहत 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए गए। इसमें मौजूदा शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी बेचने का ऑप्शन यानी ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल नहीं था। ऐसे में IPO से मिलने वाले फंड्स सीधे कंपनी को मिलेंगे।
जियो प्लेटफॉर्म्स इस फंड का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने में करेगी। इसके अलावा, कंपनी टेक्नोलॉजी और डिजिटल सर्विस में इन्वेस्ट करेगी।
साथ ही, फंड का इस्तेमाल कैपिटल एक्सपेंडिचर, नए प्रोजेक्ट्स, टेक्नोलॉजी और रोजमर्रा के खर्चों के लिए भी किया जाएगा।
प्रमुख निवेशकों से मिला सबसे ज्यादा सपोर्ट
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को मिले शानदार रिस्पॉन्स में मेजर इन्वेस्टर्स की अहम भूमिका रही। बिडिंग के आखिरी दिन, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) कैटेगरी में डिमांड अलॉटेड शेयरों से काफी ज्यादा रही।
इसके अलावा, नॉन-इंस्टीटूशनल इन्वेस्टर्स ने भी इंटरेस्ट दिखाया। वहीं, रिटेल कैटेगरी में शुरुआती फेज में ही रिजर्व्ड शेयर्स के मुकाबले दोगुने से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला।
IPO क्लोज होने तक इसके लिए ₹4.5 लाख करोड़ से ज्यादा की बिड आई। इसके अलावा, 1.25 करोड़ से ज्यादा एप्लीकेशन मिले। ये आंकड़े IPO को मिले शानदार रिस्पॉन्स को दर्शाते हैं।
टेक्नोलॉजी के डिजिटल बिजनेस में जियो की एंट्री
बताते चलें कि इन्वेस्टर्स की रुचि सिर्फ जियो के टेलीकॉम बिजनेस तक सीमित नहीं है। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड सर्विसेज, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी फोकस कर रही है।
जियो ने कनेक्टिविटी सेक्टर में अपना मजबूत नेटवर्क तैयार किया है। अब कंपनी अपने डिजिटल नेटवर्क के जरिए यूजर्स के लिए नई सेवाएं शुरू करना चाहती है।
फिलहाल, इन्वेस्टर्स की नजर इस बात पर रहेगी कि ये पहल कंपनी की ग्रोथ और प्रॉफिट को कितना बढ़ाती है।
60-Summary Words-
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO ने आवेदन के मामले में नया रिकॉर्ड बना दिया है। कंपनी के ₹30,213 करोड़ के इश्यू को 1 करोड़ से ज्यादा आवेदन मिले। जियो यह आंकड़ा पार करने वाला दुनिया का पहला IPO बन गया है। इसने वारी एनर्जीज के पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। इन्वेस्टर्स की जबरदस्त दिलचस्पी ने इस IPO को खास बना दिया है। फिलहाल सबकी नजर कंपनी की लिस्टिंग पर रहेगी।
