अमेरिका जाने का सपना देख रहे भारतीय नागरिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, H-1B वीजा के लिए अब U.S. कांसुलेट में भारी देरी हो रही है। वीज़ा इंटरव्यू स्लॉट महीनों नहीं बल्कि 2026 के अंत और 2027 तक शिफ्ट हो चुके हैं। इस बैकलॉग ने हजारों टेक प्रोफेशनल्स और उनके परिवारों को असमंजस में डाल दिया है। ऐसे में विदेश यात्रा और करियर की प्लानिंग करना भी मुश्किल हो गया है।

क्यों शिफ्ट हो रहे हैं इंटरव्यू स्लॉट?
बता दें कि H-1B वीजा इंटरव्यू में यह देरी दिसंबर 2025 से शुरू हुई। उस दौरान भारत के प्रमुख US वीजा सेंटर पर इंटरव्यू अपॉइंटमेंट स्थगित कर दिए गए। पहले ये स्लॉट मार्च 2026 के लिए तय थे। बाद में इन्हें अक्टूबर 2026 तक एक्सटेंड कर दिया गया। अब कई एप्लीकेंट्स को 2027 की डेट्स अलॉट की जा रही हैं। इस साल के लिए फिलहाल कोई नया स्लॉट नहीं है।
H-1B बैकलॉग के दो बड़े कारण
H-1B वीजा के बढ़ते बैकलॉग के पीछे दो मुख्य कारण माने जा रहे हैं। सबसे पहले तो, दिसंबर 2025 से सभी आवेदकों के लिए सोशल मीडिया की जांच शुरू कर दी गई है। इस नए प्रोसेस की वजह से वीजा रिव्यू में अब बहुत अधिक समय लग रहा है। वही दूसरी ओर, भारतीयों के लिए ‘तीसरे देश में वीजा स्टैम्पिंग’ की सुविधा भी खत्म कर दी गई है। ऐसे में अब प्रेशर भारतीय दूतावासों पर आ गया है। इस वजह से प्रमुख शहरों में एक साल तक कोई अपॉइंटमेंट उपलब्ध नहीं है।
H-1B बैकलॉग से भारतीय प्रोफेशनल परेशान
H-1B वीजा बैकलॉग का असर सीधे भारतीय प्रोफेशनल और उनके परिवारों पर पड़ रहा है। कई लोग, जो पर्सनल काम, वीजा रिन्यूअल या किसी इमरजेंसी के चलते अमेरिका लौटना चाहते थे। अब डर के कारण वह ट्रेवल नहीं करना चाहते।
जो प्रोफेशनल पहले से भारत में हैं, उन्हें इंटरव्यू और वीज़ा रिन्यूअल के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस वजह से अमेरिका में काम पर लौटने में देरी हो रही है। एम्प्लॉयर परेशान हैं। प्रोजेक्ट की डेडलाइन प्रभावित हो रही है।
एक्सपर्ट्स की सलाह अब पहले से करें प्लानिंग
वीजा में देरी को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने अब नई सलाह जारी की है। पैसेंजर्स को अपनी यात्रा की प्लानिंग काफी पहले से करने को कहा गया है। ऐसे में कर्मचारियों को दूसरे देशों में काम करने की सलाह दी जा रही है। सख्त नियमों के कारण विदेश जाना मुश्किल हो गया है।
एक देश से दूसरे देश जाना अब आसान नहीं रहा। इन बदलावों का सीधा असर करियर पर पड़ रहा है। परिवारों की योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। अब विदेश में काम करने का तरीका पहले जैसा नहीं रहा। अब विदेश में काम करने का तरीका पहले जैसा नहीं रहा है।
Summary:
2026 में भारतीयों के लिए H-1B वीजा प्रोसेस बेहद धीमी हो गई है। US वीजा इंटरव्यू स्लॉट 2026 के अंत और 2027 तक शिफ्ट हो चुके हैं। सोशल मीडिया जांच और थर्ड-कंट्री स्टैम्पिंग बंद होने से बैकलॉग बढ़ा है। इसका असर टेक प्रोफेशनल्स, उनकी फैमिली और कंपनियों पर पड़ रहा है। एक्सपर्ट्स एडवांस प्लानिंग की सलाह दे रहे हैं।
