इस सोमवार, अमेज़न ने अपनी वेबसाइट पर एक नया टैब लॉन्च किया। इसमें कंपनी ने बताया कि उसने भारतीय सेलर को अब तक 20 बिलियन डॉलर से अधिक के एक्सपोर्ट में मदद की है। यह घोषणा महत्वपूर्ण समय पर आई है। खासतौर पर जब छोटे बिज़नेस नए अमेरिकी टैक्स पॉलिसी के चलते परेशान हैं।

ई-कॉमर्स से भारत को 20 अरब डॉलर की सफलता
अमेज़न ने सोमवार को बताया कि भारत से उसका ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट 20 अरब डॉलर से ऊपर पहुंच गया है। कंपनी को अपने विकास पर भरोसा है। अमेज़न ने कहा कि 2030 तक एक्सपोर्ट को 80 अरब डॉलर तक बढ़ाना है। यह बढ़ोतरी ब्यूटी प्रोडक्ट्स, खिलौनों, फर्नीचर और कपड़ों की बढ़ती मांग की वजह से हुई है।
वही दूसरी ओर, अमेरिका में 27 अगस्त से नए टैरिफ लागू हुए हैं। इससे कई भारतीय कारीगरों और छोटे कारोबार प्रभावित हुए हैं। कुछ प्रोडक्ट्स पर तो टैक्स 50% तक बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि यह कदम भारत की रूसी तेल खरीद के जवाब में लिया गया।
18 देशों में फैला भारतीय कारोबार का नेटवर्क
अमेज़न का ग्लोबल सेलिंग प्रोग्राम 2015 में शुरू हुआ था। यह प्रोग्राम MSME को विदेश में अपने प्रोडक्ट बेचने का मौका देता है। इसके जरिए व्यापारी अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, कनाडा और यूएई समेत 18 देशों में ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं।
भारत में अमेज़न ग्लोबल सेलिंग हेड कलवपुडी ने बताया कि अमेज़न पर अमेरिका, इंडियन सेलर्स का सबसे बड़ा मार्केट है। उसके बाद ब्रिटेन, जर्मनी और कनाडा का स्थान आता है।
अमेज़न सेलर्स की संख्या 2 लाख तक बढ़ी
भारत के कॉमर्स मिनिस्ट्री डेटा के अनुसार, सितंबर में अमेरिका को टेक्सटाइल, श्रिम्प, जेम और ज्वेलरी का एक्सपोर्ट 5.43 अरब डॉलर रहा। अगस्त में यह 6.87 अरब डॉलर था। कलवपुडी ने बताया कि अमेज़न के एक्सपोर्टर अब लगभग 2,00,000 हैं। यह पिछले साल की तुलना में 33% ज्यादा है। ये सेलर 28 राज्यों और 7 यूनियन टेरिटरी में फैले हैं। इसमें मुख्यतः दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और हरियाणा शामिल हैं।
हेल्थ, ब्यूटी और खिलौनों की बिक्री में 35% से ज्यादा बढ़त
कलवापुडी ने इस बारे में बात करते हुए आगे बताया कि पानीपत, भदोही, करूर और इरोड जैसे छोटे शहरों से एक्सपोर्ट में तेजी देखी गई है। उन्होंने कहा, ‘सबसे खास बात यह है कि निर्यात अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहर भी इसमें बड़ा योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हेल्थ, ब्यूटी, घर, कपड़े और खिलौनों की सेल सालाना 35% से ज्यादा बढ़ी है। एक साल पहले, पानीपत और करूर ने मिलकर करीब 16 करोड़ डॉलर के प्रोडक्ट्स विदेश भेजे। यह मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के तेजी से बढ़ने का संकेत है। यह बदलाव भारत की 2023 बिजनेस पॉलिसी और RBI नियमों को आसान बनाने से संभव हुआ।
Summary:
अमेज़न ने बताया कि भारतीय सेलर्स का निर्यात 20 अरब डॉलर पार कर चुका है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक इसे 80 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। भारत के छोटे शहर भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। हेल्थ, ब्यूटी, कपड़े और खिलौनों की बिक्री में 35% से ज्यादा वृद्धि हुई है। अमेज़न के जरिए अब 18 देशों में भारतीय प्रोडक्ट्स बिक रहे है। फिलहाल नए अमेरिकी टैरिफ एक बड़ी चुनौती हैं। फिर भी छोटे बिज़नेस तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
