इंडियन रेलवे (Indian Railways) अपने सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड की तैयारी कर रहा है। इसके तहत, अगले दो सालों में 7,900 km रेलवे ट्रैक को नया रूप दिया जाएगा। इस मेगा प्लान का लक्ष्य देश के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को और मजबूत बनाना है। साथ ही, सेफ्टी स्टैंडर्ड को बेहतर बनाया जाएगा। जिससे पैसेंजर और फ्रेट ट्रेन की स्पीड में भी बड़ा सुधार आएगा।

8,000 Km ट्रैक रिन्यूअल का लक्ष्य
रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर ‘रिन्यूअल’ का काम शुरू हो गया है। इस रिन्यूअल के तहत, घिसी हुई पटरियों, स्लीपर और और उनसे जुड़े कंपोनेंट्स को सिस्टमैटिक तरीके से बदला जाएगा। बता दें कि फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में, रेलवे ने 6,851 किमी ट्रैक को बदलने का काम सफलतापूर्वक पूरा किया।
फिलहाल, 7500 Km के ट्रैक पर तेजी से काम चल रहा है। इसी स्पीड को बरकरार रखते हुए, रेलवे ने अब अगले दो सालों के लिए 7,900 Km ट्रैक रिन्यूअल का लक्ष्य रखा है।
क्यों जरूरी है पटरियों का यह अपग्रेड?
1. बेहतर सुरक्षा और भरोसेमंद ट्रैक
ट्रैक रिन्यूअल सीधे रेल लाइनों को मजबूत बनाता है। इससे ट्रेन के पटरी से उतरने का खतरा कम होता है।
2.स्पीड में बड़ा सुधार
रेलवे ने पिछले 10 साल में हाई-स्पीड ट्रैक लगभग दोगुना कर दिया है। इससे ट्रेनें 110 kmph या उससे ज्यादा की स्पीड पर चल सकती हैं। इन ट्रैक से न केवल पैसेंजर्स बल्कि कमर्शियल ट्रांसपोर्टेशन में भी समय की बचत होगी।
3. क्रॉसिंग पर ट्रेनों की आसान आवाजाही
इस रिन्यूअल में स्विच को भी बदला जा रहा है। ये जंक्शन, डिपो और क्रॉसओवर पर सेफ ट्रैवलिंग सुनिश्चित करते हैं। इससे ट्रेनों की स्पीड बेहतर होती है। ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ती हैं। जिससे देरी कम होती है।
4. मशीनों का रखरखाव
साल 2014 से, रेलवे ने मशीनों का इस्तेमाल बढ़ाया है। फिलहाल 1100 से ज्यादा ट्रैक पर मशीनें काम कर रही हैं। ये मशीनें लंबे ट्रैक पर तेजी से काम करती हैं।
बेहतर सफर और समय पर डिलीवरी
बताते चलें कि इस ट्रैक अपग्रेड से स्पीड लिमिट जैसी समस्याएं कम होंगी। इससे मेंटेनेंस के कारण होने वाली देरी में भी कमी आएगी।पैसेंजर्स को पहले से बेहतर और आरामदायक सफर मिलेगा। साथ ही, यह लॉजिस्टिक्स चेन को भी भरोसेमंद बनाएगा। इन ट्रैक से न केवल ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी बल्कि समय पर डिलीवरी भी संभव होगी।
Summary:
इंडियन रेलवे अगले दो सालों में 7,900 किलोमीटर से ज्यादा ट्रैक को अपग्रेड करने जा रहा है। इस रिन्यूअल से पटरियों की सुरक्षा बढ़ेगी। ट्रेनें फास्ट होगी और बिना देरी के चल सकेंगी। स्विच और क्रॉसिंग भी अपडेट होंगे। 1,100 से ज्यादा मशीनों से काम तेजी से होगा। पैसेंजर्स को बेहतर ट्रैवेलिंग एक्सपीरियंस मिलेगा। लॉजिस्टिक्स चेन भी भरोसेमंद बनेगी।
