भारत जल्द ही अपनी पहली स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन लॉन्च करने वाला है। हाल ही में, मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेन के फाइनल डिज़ाइन को जल्द ही मंज़ूरी मिल सकती है। अप्रूवल मिलते ही अप्रैल से जून के बीच प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है।

आइए समझते हैं इस हाई-स्पीड ट्रेन से जुड़ी महत्वपूर्ण डिटेल्स-
स्वदेशी तकनीक से दौड़ेगी भारत की पहली हाई-स्पीड ट्रेन
भारत की पहली स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन अब कंस्ट्रक्शन फेज में प्रवेश कर चुकी है। ये हाई-स्पीड ट्रेनसेट BEML-मेधा कंसोर्टियम द्वारा तैयार कि जा रही हैं। बता दें कि कंसोर्टियम ने 2024 में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री से दो चेयर-कार ट्रेनसेट बनाने का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया था।
इस हाई-स्पीड ट्रेन को 250 किमी प्रति घंटे की ऑपरेशनल स्पीड के लिए डिज़ाइन किया गया। ये ट्रेनें मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड कॉरिडोर पर दौड़ेंगी।
7 चेयर-कार और 1 एग्जीक्यूटिव कोच
ICF के जनरल मैनेजर यू. सुब्बा राव ने मीडिया को बताया कि फाइनल डिज़ाइन लगभग पूरी हो गई है। उन्होंने बताया कि डिज़ाइन के अंतिम रूप लेने के बाद मैन्युफैक्चरिंग शुरू हो जाएगी। ‘हमें उम्मीद है कि निर्माण अप्रैल और जून के बीच शुरू हो जाएगा। कारबॉडी, बोगी, सस्पेंशन सिस्टम और दरवाजों जैसे कंपोनेंट्स भी फाइनल फेज में हैं,’ उन्होंने आगे कहा।
प्रत्येक ट्रेनसेट में आठ कोच होंगे। इसमें सात चेयर-कार और एक एग्जीक्यूटिव क्लास कोच शामिल होगा। ट्रेन में पैंट्री और टॉयलेट जैसी सुविधाएं भी होंगी।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद से तैयार हो रही ट्रेन
इस प्रोजेक्ट के डिज़ाइन के लिए पोलैंड स्थित EC इंजीनियरिंग से टेक्निकल इनपुट लिए गए हैं। इस कंपनी ने पहले भी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के मैन्युफैक्चरिंग में कंसोर्टियम के साथ काम किया है। अधिकारियों ने बताया कि हाई-स्पीड ट्रेन सिस्टम के अनुभवी वेंडर्स को इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया हैं।
दिसंबर 2026 में आएगा पहला प्रोटोटाइप
फिलहाल टीम लोकल मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत कर रही है। कारबॉडी शेल का फैब्रिकेशन BEML की बेंगलुरु फैसिलिटी में शुरू होगा। जबकि बोगियों का निर्माण हैदराबाद प्लांट में किया जाएगा।
उम्मीद है कि पहला प्रोटोटाइप दिसंबर 2026 तक तैयार हो जाएगा। इसके बाद टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन शुरू किया जाएगा। जहां तक कमर्शियल ऑपरेशन की बात है, यह सूरत-बिलिमोरा सेक्शन से शुरू होने की संभावना है। मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर को 2027 से अलग-अलग फेज में चालू किया जाएगा।
Summary:
भारत में जल्द ही पहली स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन दोड़ेगी। BEML-मेधा कंसोर्टियम इसे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए तैयार कर रहा है। प्रत्येक ट्रेनसेट में सात चेयर-कार और एक एग्जीक्यूटिव कोच होंगे। पहला प्रोटोटाइप दिसंबर 2026 तक तैयार होने की उम्मीद है। टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन के बाद ट्रेन 2027 में कमर्शियल ऑपरेशन के लिए शुरू होगी।
