मेट्रो विस्तार पर Haryana Govt सख्त, जल्द Seize होंगी कुछ जमीनें! पढ़ें पूरी खबर


Bhawna Mishra

Bhawna Mishra

Jan 23, 2026


हरियाणा सरकार गुड़गांव मेट्रो प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाएगी। सरकार ने खासकर 29.05 किमी लंबे मिलेनियम सिटी सेंटर-साइबर सिटी कॉरिडोर (Millennium City Centre-Cyber ​​City Corridor) को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पहली प्राथमिकता बातचीत से समझौता करना है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर मालिक की सहमति के बिना भी जमीन सीज़ की जा सकती है। 

दरअसल यह फैसला शहर में बढ़ती ट्रांसपोर्ट जरूरतों को देखते हुए लिया गया है। शहर तेजी से फैल रहा है। ऐसे में प्राइवेट जमीन के चलते मेट्रो कंस्ट्रक्शन में लगातार देरी हो रही थी। ऐसे में अब सरकार इस अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में बिल्कुल भी देर नहीं करना चाहती।

आखिर क्यों ज़रूरी है ये मेट्रो प्रोजेक्ट? 

मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक का यह मेट्रो रूट, बहुत अहम माना जा रहा है। यह रूट गुड़गांव के इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और रेजिडेंशियल एरिया के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। शहर की आबादी बढ़ने के साथ ट्रैफिक भी बढ़ रहा है।  ऐसे में रोजाना सफर करना और मुश्किल होता जा रहा है। यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए अब इस मेट्रो रूट का काम जल्द खत्म करना अनिवार्य है। 

लैंडओनर्स के विरोध के चलते देरी

बता दे कि प्राइवेट लैंडओनर्स के विरोध के कारण प्रोजेक्ट में काफी देरी हुई है। कमर्शियल प्लॉट और डिपो साइट के पास छोटे-मोटे विवाद सामने आए हैं। इन चुनौतियों को देखते हुए राज्य सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है। अब समय पर जमीन देने वाले मालिकों को इंसेंटिव भी दिए जाएंगे। साथ ही लैंड एक्विजिशन के नियमों में बदलाव भी किए गए हैं।

25% ज्यादा कंपनसेशन का ऑफर

हरियाणा सरकार ने मेट्रो कॉरिडोर के लिए ज़रूरी जमीन के लिए 25% ज्यादा मुआवज़ा देने का फैसला किया है। इस आकर्षक डील का उद्देश्य जमीन अधिग्रहण की लंबी प्रक्रिया को खत्म करना है। यह बढ़ा हुआ कंपनसेशन स्टैंडर्ड मार्केट रेट के हिसाब से तय किया गया है। इससे जमीन मालिकों को फाइनेंशियल सपोर्ट मिलेगी। साथ ही प्रोजेक्ट बिना कानूनी विवाद और देरी के आगे बढ़ सकेगा।

विवादों से चलते नहीं रुकेगा प्रोजेक्ट

सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अगर ओनर डील नहीं करते, तो अनिवार्य अधिग्रहण का रास्ता अपनाया जा सकता है। यह कदम लैंड एक्विजिशन कानूनों के तहत लिया जाएगा। यह दिखाता है कि प्रोजेक्ट की डेडलाइन कितनी जरूरी है। सरकार चाहती है कि काम बिना रुकावट आगे बढ़े। 

क्या होगी सरकार की नई रणनीति?

यह पॉलिसी जमीन मालिकों के लिए फायदा और चुनौती दोनों लेकर आती है। एक तरफ उन्हें जल्दी और ज्यादा कंपनसेशन मिल सकता है। दूसरी तरफ अगर वे जमीन बेचने से इनकार करते हैं, तो सरकार का दबाव बढ़ सकता है। इसका मतलब है कि नेगोशिएशन के दौरान उनका कंट्रोल कम हो सकता है। 

ऐसे में, सरकार का यह फैसला इन्वेस्टर्स और पैसेंजर्स को भरोसा दिलाता है। बड़े शहरों में ट्रांसपोर्ट अब विकास के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन जमीन का मसला बड़ी समस्या बन गया है। इसे सुलझाना आसान नहीं है। कहीं कंपनसेशन बढ़ाकर समाधान किया जा रहा है। तो कहीं कानूनी रास्ता अपनाया जा रहा है।

Summary:

हरियाणा सरकार गुड़गांव मेट्रो प्रोजेक्ट को तेज़ी से आगे बढ़ाएगी। खासकर मिलेनियम सिटी सेंटर-साइबर सिटी कॉरिडोर पर सख्त रुख अपनाया गया है। सरकार पहले बातचीत से समझौता चाहती है। लेकिन जरूरत पड़े तो बिना सहमति जमीन अधिग्रहण भी किया जा सकता है। प्रोजेक्ट में देरी रोकने के लिए 25% ज्यादा कंपनसेशन और इंसेंटिव दिए जाएंगे। यह कदम न केवल केवल पैसेंजर्स बल्कि इन्वेस्टर्स को भी भरोसा दिलाता है।


Bhawna Mishra
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She is a seasoned writer with a passion for Storytelling and a keen interest in diverse topics. With 2.5 years of experience, she excels in writing about Tech, Sports, Entertainment, and various Niche topics. Bhawna holds a Postgraduate Degree in Journalism and Mass Communication from St Wilfred’s College of Jaipur.

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