‘Meta’ अब तक का सबसे बड़ा लेऑफ करने जा रहा है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप की पैरेंट कंपनी हजारों कर्मचारियों को निकालने वाली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 15,000 से ज्यादा लोगों की नौकरियां जा सकती हैं। दुनिया भर में कंपनी के 20% से ज्यादा एम्प्लॉयीज पर इसका असर पड़ेगा। फिलहाल मेटा में करीब 79,000 लोग काम करते है। ऐसे में इस खबर से कई कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं।

Meta क्यों कर रहा है इतना बड़ा बदलाव?
इस लेऑफ का सबसे बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारी निवेश है। दरअसल कंपनी नए डेटा सेंटर और एडवांस AI मॉडल क्रिएशन में अरबों डॉलर खर्च कर रहा है। बताया जा रहा है कि 2026 तक AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर $40–50 अरब तक खर्च हो सकता है। जुकरबर्ग ने आने वाले सालों में AI में सैकड़ों अरब डॉलर निवेश करने की योजना बनाई है।
मेटा का मानना है कि अब AI टूल्स और स्मार्ट होते जा रहे है। पहले जिन प्रोजेक्ट्स के लिए बड़ी टीम चाहिए थी, अब वही काम छोटी और एक्सपर्ट टीमें AI की मदद से आसानी से कर सकेंगी। यही वजह है कि मेटा स्मार्ट और ‘AI-पावर्ड’ वर्ककल्चर की ओर बढ़ रहा है।
Meta वर्कफोर्स को रिप्लेस कर रहा है AI
Meta में अब AI की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। CEO मार्क ज़ुकेरबर्ग का कहना है कि AI कंपनी की प्रोडक्टिविटी को पूरी तरह बदल सकता है। उन्होंने आगे बताया कि जिन प्रोजेक्ट्स के लिए पहले काफी लोग काम करते थे। अब वही काम AI टूल्स की मदद से कुछ स्पेशलिस्ट्स संभाल सकते हैं।
इसी वजह से Meta अपने काम करने के तरीके में बदलाव कर रहा है। कंपनी अब ऐसा स्ट्रक्चर डिजाइन कर रही है। जहां प्रोडक्ट डेवलपमेंट, इंजीनियरिंग और ऑपरेशंस में AI का ज्यादा यूज किया जाए।
अब AI से बदलेगा ‘Meta’ का भविष्य
‘Meta’ अब अपना पूरा ध्यान मेटावर्स से हटाकर AI पर लगा रहा है। पिछले कुछ सालों में Meta ने वर्चुअल रियलिटी और ‘Metaverse’ पर भारी निवेश किया था। लेकिन कई प्रोजेक्ट्स से उम्मीद के मुताबिक अर्निंग्स नहीं हो पाई।
ऐसे में अब कंपनी अपना फोकस AI की तरफ बढ़ा रही है। आने वाले समय में फेसबुक और इंस्टाग्राम के फीचर्स अब इसी टेक्नोलॉजी से लैस होंगे। जहां एक ओर दूसरे डिपार्टमेंट्स में कर्मचारियों की संख्या कम की जा रही है। वही, Meta टॉप AI रिसर्चर्स और इंजीनियर्स की हायरिंग कर रहा है।
टॉप टेक कंपनियां अपना रही हैं ऑटोमेशन
Meta ही नहीं, बल्कि टॉप IT कंपनी AI ऑटोमेशन अपना रही है। दुनिया भर की टेक कंपनियां अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में तेजी से इन्वेस्ट कर रही हैं। दुनियाभर की टेक इंडस्ट्री में कई जगह नौकरियों में कटौती की जा रही है।
कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि 2026 में कई लीडिंग टेक कंपनियों ने लेऑफ का ऐलान किया है। अब कंपनियां काम को ऑटोमेट करने पर जोर दे रही हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे आने वाले समय में टेक जॉब मार्केट में बदलाव आ सकता है।
लेऑफ की अटकलों पर Meta ने दिया जवाब
कई खबरों में लेऑफ की बात कही गई। हालांकि, Meta ने अभी तक इन खबरों की पुष्टि नहीं की है। कंपनी का कहना है कि लेऑफ की ये रिपोर्ट केवल अंदाजा हैं। अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
60-Words Summary:
Meta Platforms में बड़े लेऑफ की खबरें चर्चा में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 15,000 से ज्यादा कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है। इसकी बड़ी वजह AI में बढ़ता निवेश बताया जा रहा है। कंपनी नए डेटा सेंटर और AI मॉडल पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है। हालांकि Meta ने इन खबरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कंपनी का कहना है कि फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
