रेसिंग फैंस के लिए अच्छी खबर सामने आई है। एक दशक बाद भारत में फॉर्मूला वन कारें (Formula One cars) ट्रैक पर दौड़ती हुई नजर आएगी। बता दें कि इन्हें आखिरी बार 2013 की F1 रेस में देखा गया था। ऐसे में अब इस चैंपियनशिप को दोबारा भारत लाने पर चर्चा चल रही है।

आइए इस लेख में जानते है F1 रेस और फॉर्मूला वन कार से जुड़ें कुछ खास अपडेट्स-
भारत में Formula One Car की वापसी संभव
फॉर्मूला वन रेसिंग के लिए बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (Buddh International Circuit) को फिर से F1 रेस के लिए तैयार किया जा सकता है। केंद्र सरकार ने इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस कड़ी में सर्किट ऑपरेटर से बातचीत भी की गयी है। उनसे कहा गया है कि सर्किट को कुछ समय के लिए किसी प्रोफेशनल स्पोर्ट्स कंपनी को दिया जाए। इस बीच, खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी के अधिकारियों से मुलाकात की।
देश में शुरू हुई Olympics 2036 की तैयारियां
बताते चलें की फॉर्मूला वन रेस को फिर से शुरू करना भारत की खेल रणनीति का हिस्सा है। दरअसल इसका मुख्य उद्देश्य 2030 के अहमदाबाद कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले इंटरनेशनल स्पोर्ट्स को भारत लाना है। साथ ही, यह ओलंपिक 2036 (Olympics 2036) की मेजबानी के लिए भारत की तैयारी को भी मजबूत करेगा। फिलहाल YEIDA फॉर्मूला वन ट्रैक की देखरेख कर रहा है। यह ट्रैक लगभग 2,000 करोड़ रुपये की लागत में तैयार किया गया था।
स्टेकहोल्डर्स के साथ टाइमलाइन पर चर्चा
हाल ही में खेल मंत्री ने हाल ही में फॉर्मूला वन ट्रैक का जायज़ा लिया और स्टेकहोल्डर्स से रेस की टाइमलाइन पर चर्चा की। इस बारे में स्टेकहोल्डर्स से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ”ट्रैक को 2-3 साल के लिए किसी स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी को सौंपा जाए। इससे भारत में एफ1 की वापसी पर काम किया जा सकेगा। ”
उन्होंने आगे बताया कि पहले टैक्स से जुड़े मुद्दों की वजह से एफ1 रेस बंद हुई थी। लेकिन अब इन्हें जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
भारत में अचानक क्यों बंद हुई F1 रेसिंग?
भारत ने 2011 से 2013 तक लगातार तीन साल फॉर्मूला वन इंडियन ग्रांड प्रिक्स (Formula One Indian Grand Prix) की मेज़बानी की। हालांकि टैक्स से जुड़ी समस्या लगातार बनी रही। इतना ही नहीं, F1 को खेल के तौर पर आधिकारिक मान्यता भी नहीं मिली। ऐसे में इस इवेंट बंद कर दिया गया। उस समय उत्तर प्रदेश सरकार ने इस इवेंट को ‘एंटरटेनमेंट’ की केटेगरी में रखा। इसके कारण भारी टैक्स और बढ़ी इंपोर्ट ड्यूटी लगी। खर्च भी ज्यादा हो गया। जिसे चलते टीमों के लिए इसमें हिस्सा लेना आर्थिक रूप से मुश्किल हो गया।
बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट ने सितंबर 2023 में पहली बार ‘MotoGP भारत’ होस्ट किया। इस सफल इवेंट से भारतीय मोटरस्पोर्ट एक बार फिर सुर्ख़ियों में आ गया। हालांकि, इस रेसिंग इवेंट को अगले सीजन के लिए जारी नहीं रखा गया।
Summary:
एक दशक बाद भारत में फॉर्मूला वन कारें फिर ट्रैक पर दौड़ सकती हैं। यह रेस आखिरी बार 2013 में आयोजित की गई थी। केंद्र सरकार और खेल मंत्री इसके लिए तेजी से कदम उठा रहे हैं। बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट को 2-3 साल के लिए प्रोफेशनल स्पोर्ट्स कंपनी को सौंपने पर विचार हो रहा है। यह कदम 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की तैयारी में मददगार साबित होगा। इस रेस के साथ भारतीय मोटरस्पोर्ट फिर सुर्खियों में लौट सकता है।
