ट्रेन में कभी-कभी छोटी सी सुविधा की कमी भी महंगी पड़ सकती है। चेन्नई-हज़रत निज़ामुद्दीन दुरंतो एक्सप्रेस में ऐसा ही मामला सामने आया। दरअसल ट्रेन में पैसेंजर्स को तय समय पर सुबह की चाय नहीं दी गई। इस बड़ी लापरवाही पर यात्रियों ने शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के बाद इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज़्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने कार्रवाई की। इसके तहत कैटरिंग कॉन्ट्रैक्टर पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया गया। आइए जानते है क्या है ये पूरा मामला?
शिकायत के बाद IRCTC की सख्त कार्रवाई
दरअसल, यह मामला 8 नवंबर 2025 को सामने आया। जब पलक्कड़ के एक यात्री उन्नीकृष्णन आर.के. ने RTI के तहत शिकायत दर्ज की। पैसेंजर ने राइट टू इनफार्मेशन एक्ट के तहत रेलवे से जवाब मांगा। शिकायत के ठीक दस दिन बाद रेलवे ने कैटरर पर जुर्माना लगाया। जिसके बाद इस पूरी कार्रवाई की ऑफिशियल डिटेल्स शिकायतकर्ता को भेजी गई।
कैसे एक छोटी कमी बनी बड़ा मामला?
सुबह की चाय या कॉफी दुरंतो एक्सप्रेस की कैटरिंग सेवा का हिस्सा है। यात्री टिकट खरीदते समय ही इसके पैसे चुकाते हैं। चूंकि दुरंतो ट्रेनों के स्टॉपेज बहुत कम होते है। इस कारण यात्री खाने-पीने के लिए पूरी तरह ऑनबोर्ड सर्विस पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में चाय न मिलना एक बड़ी लापरवाही मानी जाती है। रेलवे का यह कड़ा फैसला यह सुनिश्चित करता है यात्रियों के हक के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
QR कोड से मिलेगी खाने की पूरी जानकारी
भारतीय रेल अब अपने कैटरिंग सिस्टम को हाईटेक बनाने की तैयारी कर रहा है। पैसेंजर्स की सुविधा के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं। अब खाने के हर पैकेट पर एक QR कोड दिया जा रहा है। इसे स्कैन करते ही किचन का नाम और खाना बनने की तारीख पता चल जाएगी। टेक्नोलॉजी की मदद से खाने की क्वालिटी पर नज़र रखना आसान होगा।
QR कोड से होगी वेंडर की पहचान
रेलवे ने बिना अनुमति सामान बेचने वाले वेंडर्स पर सख्ती बढ़ा दी है। अब कैटरिंग स्टाफ के लिए QR कोड वाले Id कार्ड अनिवार्य कर दिए गए हैं। इस कोड को स्कैन करते ही वेंडर की सभी डिटेल्स आ जाएगी। जैसे आधार, मेडिकल फिटनेस और पुलिस वेरिफिकेशन आदि। ऐसे में पैसेंजर्स असली और नकली वेंडर्स की आसानी से पहचान कर सकेंगे। रेलवे एक्ट 1989 के तहत अवैध तरीके से सामान बेचना अब भी एक दंडनीय अपराध है।
स्वच्छता और गुणवत्ता पर फोकस
रेलवे ने अब फूड सेफ्टी के नियमों को और सख्त कर दिया है। इसके तहत, अब कैटरिंग के लिए FSSAI का सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है। यह प्रोसेस एक अफसर के माध्यम से पूरा किया जाएगा। वहीं साफ-सफाई के लिए थर्ड-पार्टी ऑडिट भी कराया जा रहा है। इसके अलावा, पैसेंजर एक्सपीरियंस सुधारने पर भी जोर दिया जा रहा है।
इतना ही नहीं, भारतीय रेलवे अब यात्रियों से फीडबैक और सर्वे भी ले रहा है। एम्प्लॉयीज को कम्युनिकेशन, सर्विस और स्वच्छता की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसका उद्देश्य यात्रियों को उनकी उम्मीद के मुताबिक सर्विसेज उपलब्ध कराना है।
60- Words Summary:
IRCTC ने लापरवाही पर सख्त कदम उठाया है। दुरंतो एक्सप्रेस में चाय न मिलने पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया गया। यह शिकायत RTI के जरिए सामने आई। रेलवे अब कैटरिंग सिस्टम को हाईटेक बना रहा है। खाने पर QR कोड और वेंडर ID अनिवार्य होंगे। इससे क्वालिटी और ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी। भारतीय रेलवे यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने पर भी फोकस कर रहा है।
