हाल ही में एविएशन सेक्टर में नियमों में अनदेखी से जुड़ा एक मामला सामने आया है। जिसके चलते एविएशन सेफ्टी वॉचडॉग, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) ने Air India पर ₹1 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया।
दरअसल जांच में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। जांच में पता चला कि एयरलाइन का एक एक एयरक्राफ्ट बिना वैलिड एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट (Airworthiness Certificate) के ऑपरेट किया गया। यह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है। इस अनदेखी के चलते एयर इंडिया के खिलाफ यह सख्त एक्शन लिया गया।

क्या है Air India से जुड़ा यह मामला?
बता दें कि यह फैसला नवंबर 2025 में हुई एक घटना के आधार पर लिया गया है। जब एयरबस A320 (रजिस्ट्रेशन VT-TQN) को आठ कमर्शियल फ्लाइट्स के लिए उड़ाया गया था। इन फ्लाइट्स का रूट नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद के बीच था। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि एयरक्राफ्ट के पास एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) नहीं था। ARC एक महत्वपूर्ण एनुअल सेफ्टी क्लियरेंस सर्टिफिकेट है। जो एयरक्राफ्ट की सही मेंटेनेंस और कम्प्लायंस चेक के बाद एयरवर्थनेस को वैलिडेट करता है।
Air India की लापरवाही पर उठे सुरक्षा सवाल
DGCA के 5 फरवरी, 2026 के कॉन्फिडेंशियल ऑर्डर के मुताबिक, एयर इंडिया (|Air India) ने भारत के एविएशन नियमों को तोड़ा है। यह एयरलाइन अधिकारियों की ओर से हुई एक बड़ी लापरवाही है। रेगुलेटर का कहना है कि नियमों की इस अनदेखी से एयरलाइन के सेफ्टी सिस्टम पर लोगों का भरोसा और कम हुआ है। इस घटना ने कंपनी के काम करने के तरीके और सुरक्षा के प्रति सवाल कई खड़े कर दिए हैं।
Air India पर DGCA की सख्त कार्रवाई
पेनल्टी भरने के अलावा, DGCA ने एयर इंडिया के कुछ टेक्निकल ऑफिसर को भी नौकरी से हटाने का आदेश दिया है। जिनकी वजह से यह लापरवाही हुई। रेगुलेटर ने एयरलाइन के सीनियर लीडरशिप मैनेजमेंट को भी फटकार लगाई। उन्हें चेतावनी दी गई है कि एयरक्राफ्ट से जुड़ें सेफ्टी मैंडेट्स को फॉलो करना उन्हीं की जिम्मेदारी है।
DGCA के आदेश के बाद एयर इंडिया ने किए बदलाव
इस मामले पर एयर इंडिया ने अपनी लापरवाही को स्वीकार किया। एयरलाइन का कहना है कि साल 2025 में जब उन्हें इस गलती का पता चला, तो उन्होंने अपनी मर्जी से इसकी जानकारी DGCA को दी थी।
कंपनी के आगे बताया कि प्रोसेस में जो भी कमियां थीं, उन्हें अब पूरी तरह ठीक कर लिया गया है। साथ ही DGCA के साथ शेयर किया गया है। एयर इंडिया की इंटरनल ऑडिट में भी सिस्टम की कुछ खामियां सामने आई थीं। इसके बाद कंपनी ने प्रोसीजरल कंप्लायंस को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।
पैसेंजर सेफ्टी पर नहीं होगा कोई समझौता- DGCA
एयर इंडिया ही नहीं, टाटा ग्रुप (Tata Group) और सिंगापुर एयरलाइंस (Singapore Airlines) भी कड़ी जांच के दायरे में है। 2025 में बोइंग विमान में हुए दुखद हादसे में सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी। जिसके बाद एयरलाइन कंपनी एक बार फिर पैसेंजर्स का भरोसा जीतने की कोशिश कर रही है। ऐसे में DGCA का यह नया जुर्माना स्पष्ट तौर पर बताया है कि वह पैसेंजर्स कि सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
60 Word Summary-
हाल ही में, DGCA ने एयर इंडिया पर ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया। जांच में पता चला कि एयरलाइन ने एक विमान को बिना वैलिड एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट के उड़ाया। जो सुरक्षा नियमों का उल्लंघन था। यह घटना नवंबर 2025 में हुई थी। एयर इंडिया ने अपनी गलती स्वीकार की और प्रक्रिया में सुधार किए हैं। DGCA ने इसे गंभीरता से लिया। अथॉरिटी ने सख्त कार्रवाई करते हुए कंपनी के कुछ अधिकारियों को हटाने का आदेश दिया।
