ग्लोबल टेक मार्केट में एक बार फिर हलचल देखने को मिली है। हाल ही में अमेरिकी स्टार्ट-अप एंथ्रोपिक ने एक नया और एडवांस्ड AI टूल सूट लॉन्च किया है। इसके बाद भारतीय IT कंपनियों के शेयर्स में तेजी से गिरावट दर्ज की गई। इन्वेस्टर्स में भी चिंता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि ऐसे पावरफुल AI सिस्टम ट्रेडिशनल सॉफ्टवेयर सर्विस मॉडल को प्रभावित कर सकते हैं। इस बदलाव से IT सेक्टर में काम कर रहे लाखों कर्मचारियों को जॉब्स पर खतरा हैं।

कैसे काम करेंगे ये नए AI टूल्स?
सैन फ्रांसिस्को की AI कंपनी एंथ्रोपिक ने नए टूल्स लॉन्च किए हैं। यह कंपनी अपने क्लॉड फैमिली के बड़े लैंग्वेज मॉडल के लिए जानी जाती है। नए वर्कप्लेस ऑटोमेशन प्लगइन्स रोज़मर्रा के प्रोफेशनल कामों को आसान बनाने के लिए बनाए गए हैं। इनमें लीगल वर्क , सेल्स, डेटा एनालिसिस और मार्केटिंग शामिल हैं। ये टूल्स सॉफ्टवेयर टीम और आउटसोर्सिंग प्रोवाइडर्स के प्रोसेस को आसान और ऑटोमेट करेंगे।
क्या खत्म होंगी सॉफ्टवेयर नौकरियां?
‘एंथ्रोपिक’ के इन नए AI टूल्स के बाद इन्वेस्टर्स में चिंता बढ़ गई है। दरअसल उन्हें डर है कि ये सिस्टम ह्यूमन टास्क को भी पूरी तरह संभाल लेगा। इससे उन कंपनियों के रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है। जो सॉफ्टवेयर, सर्विस और आउटसोर्स लेबर पर निर्भर हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स इस सिचुएशन को ‘SaaSpocalypse’ कह रहे हैं। चिंता का विषय यह है कि AI कुछ सॉफ्टवेयर नौकरियों को पूरी तरह खत्म कर देगा।
TCS और इंफोसिस के शेयरों में भारी गिरावट
US बेस्ड स्टार्ट-अप कंपनी ‘एंथ्रोपिक’ के नए AI टूल्स के बाद भारतीय IT शेयरों में तेज गिरावट आई। सामने आए आकंड़ों से पता चला कि साल 2020 के बाद निफ्टी IT इंडेक्स (NIFTY IT Index) ने अपनी सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की। टेक और आउटसोर्सिंग कंपनियों के शेयर 6% से ज्यादा टूट गए। जिससे निवेशकों के अरबों रुपए डूब गए। इंफोसिस और TCS के शेयर्स 7% से अधिक नीचे आए। वही अन्य टेक जायंट विप्रो, HCLTech और टेक महिंद्रा के स्टॉक्स भी नीचे रहे। कुल मार्केट वैल्यू में अरबों रुपये का नुकसान हुआ।
इन्वेस्टर्स क्यों हो रहे हैं परेशान?
इन्वेस्टर्स की बात करें तो उन्हें डर है कि नए AI टूल्स AI टूल्स अब रोज़मर्रा के काम संभालने लगे हैं। जैसे लीगल रिव्यू। कॉन्ट्रैक्ट एनालिसिस। कंप्लायंस मॉनिटरिंग। और यहां तक की डेटा प्रोसेसिंग भी। ऐसे में इसका सीधा असर IT से सर्विस पर पड़ा है। भारतीय IT इंडस्ट्री अब तक आउटसोर्सिंग मॉडल पर टिकी रही है। जहां टॉप टीम विदेशी क्लाइंट्स के लिए काम करती हैं।
ऐसे में सर्विस प्रोवाइडर्स AI-ड्रिवन मार्केट में टिके रहना चाहते हैं। तो AI अपनाने के साथ-साथ कर्मचारियों को अपस्किल और वर्कफोर्स ट्रांसफॉर्मेशन पर भी ध्यान देना होगा।
Summary:
अमेरिकी AI स्टार्ट-अप एंथ्रोपिक के नए टूल्स ने टेक इंडस्ट्री में नई बहस छेड़ दी है। इन टूल्स के लॉन्च होते ही भारतीय IT शेयरों में भारी गिरावट दिखी। निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। AI अब लीगल, डेटा और सेल्स जैसे काम खुद संभाल रहा है। इससे आउटसोर्सिंग मॉडल और सॉफ्टवेयर नौकरियों पर रिस्क बढ़ता हुआ दिख रहा है।
