सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL एक बार फिर सुर्खियों में है। दरअसल कंपनी अब डिफेन्स कम्युनिकेशन में भी विस्तार कर रही है। BSNL ने भारतीय नौसेना के सैटेलाइट कम्युनिकेशन नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए वैश्विक सैटेलाइट कंपनी Viasat के साथ साझेदारी की है। यह साझेदारी नौसेना के SATCOM मॉडर्नाइज़ेशन प्रोग्राम के अगले फेज का हिस्सा है।

बता दें की इस प्रोजेक्ट की शुरुआत जनवरी 2026 के आखिर तक होने की संभावना है। इसका प्रमुख उद्देश्य नौसेना ऑपरेशन्स के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
BSNL और Viasat ला रहे हाई-टेक अपग्रेड
भारतीय नौसेना का कम्युनिकेशन सिस्टम अब और भी हाई-टेक होगा। इंडियन डिफेन्स फाॅर्स के साथ हुए एग्रीमेंट के तहत, L-बैंड नेटवर्क को अपग्रेड किया जाएगा। इसमें अब हाई-कैपेसिटी वाला Ka-बैंड सैटेलाइट सिस्टम जोड़ा जाएगा। यह तकनीक डेटा ट्रांसफर की स्पीड को कई गुना बढ़ा देगी।
मल्टी-बैंड नेटवर्क और इसके फायदे
नौसेना के लिए एक नया मल्टी-बैंड, मल्टी-कॉन्स्टेलेशन SATCOM नेटवर्क तैयार किया गया है। यह नेटवर्क खासतौर पर मिशन-क्रिटिकल ऑपरेशंस के लिए डिज़ाइन किया गया है। सबसे पहले, यह समुद्री क्षेत्रों में बेहतर ज्योग्राफिकल कवरेज देना। दूसरा, कम्युनिकेशन लिंक की डेटा स्पीड और थ्रूपुट बढ़ाएगा। तीसरा और सबसे अहम, ऑपरेशंस के दौरान स्ट्रॉन्ग कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना।
कैसे टेक्नोलॉजी बदल रही है नेवल ऑपरेशंस?
Ka-बैंड फ्रीक्वेंसी की बात करें तो इसकी स्पीड बहुत तेज होती है। ऐसे में यह ज्यादा डेटा ट्रांसफर करने में मदद करता है। इससे रडार और कमांड का काम आसान हो जाता है। वहीं, L-बैंड लंबी दूरी तक सिग्नल भेजता है। यह खराब मौसम में भी अच्छे से काम करता है। इन दोनों फ्रीक्वेंसी के मिलने से सेना का नेटवर्क बहुत मजबूत हो जाता है।
BSNL और Viasat का नया कम्युनिकेशन प्रोजेक्ट
BSNL और Viasat साथ मिलकर एक नया कम्युनिकेशन सिस्टम बना रहे हैं। जहां एक ओर BSNL अपने ग्राउंड स्टेशन और नेटवर्क का इस्तेमाल करेगा। वहीं Viasat अपने ग्लोबल सैटेलाइट नेटवर्क और तकनीक में अपना योगदान देगा। इस अपग्रेड के लिए सभी मशीनें पहले ही भारत पहुंच चुकी हैं। इंस्टॉलेशन का काम भी इसी महीने शुरू होने की उम्मीद है।
BSNL-Viasat की मजबूत पार्टनरशिप
BSNL के चेयरमैन ने इस एग्रीमेंट पर खुशी जाहिर की है । उन्होंने कहा कि BSNL देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। कंपनी सेना की हर जरूरत को पूरी तरह से सपोर्ट करना चाहती है। वहीं, Viasat के अधिकारियों ने भी गर्व महसूस किया। उन्होंने कहा कि वह नेवी को एडवांस्ड SATCOM सैटेलाइट तकनीक देना चाहते हैं। Viasat लंबे समय तक भारत के मेरीटाइम कम्युनिकेशन सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
डिफेन्स नेटवर्क में बड़ा बदलाव
बताते चलें की यह अपग्रेड भारतीय सशस्त्र बलों को टेक-ड्रिवन और इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन की ओर ले जाएंगे। एडवांस्ड सैटेलाइट टेक्नोलॉजी अपनाने से नौसेना को कई फायदे मिलेंगे। जैसे-
• इस तकनीक से जहाज और सैनिकों की लोकेशन तुरंत पता चलेगी।
• इसके अलावा, किसी भी महत्वपूर्ण मिशन में फास्ट कम्युनिकेशन संभव होगा।
• किसी भी दूर-दराज़ या मुश्किल जगह पर ऑपरेशंस को मजबूत सपोर्ट मिलेगा।
Summary:
सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL फिर चर्चा में है। भारतीय नौसेना के सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम को हाई-टेक बनाने के लिए BSNL ने वैश्विक कंपनी Viasat से साझेदारी की है। इस प्रोजेक्ट में L-बैंड के साथ हाई-स्पीड Ka-बैंड तकनीक शामिल होगी। जनवरी 2026 से शुरू होने वाला यह अपग्रेड नौसेना को सुरक्षित और मिशन-रेडी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा।
