हाल ही में केंद्र और कर्नाटक सरकार के बीच अहम बातचीत हुई है। इस बातचीत में लैंड एक्विजिशन और रूट अलाइनमेंट पर चर्चा हुई। जिसके बाद बेंगलुरु-हैदराबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को नई रफ्तार मिली। बता दें 1 फरवरी को पेश हुए यूनियन बजट में 626km लंबे इस कॉरिडोर की घोषणा की गई थी।
इसका लक्ष्य बेंगलुरु से हैदराबाद का सफर घटाकर घंटे करना है। प्रोजेक्ट पूरा होने पर यह साउथ इंडिया के सबसे फ़ास्ट इंटर-सिटी कनेक्शन में से एक होगा।

अब बेंगलुरु से हैदराबाद का सफर सिर्फ 2 घंटे में
फिलहाल बेंगलुरु और हैदराबाद के बीच ट्रेन से पहुंचने में 8-19 घंटे का समय लगता है। वही वंदे भारत की बात करें, तो इस ट्रेन से सफर पूरा करने में 8 घंटे से ज्यादा लगते हैं। फ्लाइट से ट्रेवल करने पर लगभग 01 घंटा 15 मिनट लगता है। हालांकि एयरपोर्ट पर चेक-इन, सिक्योरिटी चेक और भारी ट्रैफिक के चलते यह समय बढ़ सकता है।
ऐसे में बुलेट ट्रेन आने से सफर बहुत आसान हो जाएगा। दोनों टेक हब्स के बीच का समय मात्र 2 घंटे में पूरा होगा। इस ट्रेन से बिजनेस ओनर्स और IT प्रोफेशनल्स को बहुत फायदा मिलेगा।
बेंगलुरु से हैदराबाद की हाई-स्पीड रेल रूट
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर लगभग 626 किलोमीटर लंबा होगा। शुरूआती योजना के अनुसार, इसमें कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 12 स्टेशन शामिल किए जाएंगे। कर्नाटक में तीन स्टेशन अलीपुरा (गौरीबिदनूर तालुक), देवनहल्ली (बेंगलुरु एयरपोर्ट के पास) और कोडिहल्ली (बेंगलुरु ग्रामीण जिला) शामिल होने की संभावना हैं।
कोडिहल्ली को एक बड़े इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जा सकता है। बेंगलुरु-चेन्नई बुलेट ट्रेन लाइन भी इसी जगह से गुजरेगी।
क्या रहेगा बेंगलुरु-हैदराबाद बुलेट ट्रेन रूट?
कर्नाटक में प्रवेश करने से पहले यह ट्रेन महबूबनगर, कुरनूल, अनंतपुर और हिंदूपुर जैसे रुट्स से होकर गुजरेगी। इस बुलेट ट्रेन की मैक्सिमम स्पीड 350 kmph होगी। हालांकि, पैसेंजर्स के लिए यह करीब 320 kmph की स्पीड से चलेगी। यह पूरा कॉरिडोर मौजूदा रेलवे लाइनों से बिल्कुल अलग होगा। इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के ऊपर, एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा।
मार्च 2026 तक तैयार होगी रिपोर्ट
फिलहाल, RITES लिमिटेड इस प्रोजेक्ट का फाइनल सर्वे कर रहा है। सर्वे के बाद, इसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) मार्च 2026 तक की जाएगी। अप्रूवल के बाद, कर्नाटक में लैंड एक्विजिशन का काम तेजी से शुरू होगा। केंद्र ने कर्नाटक से इस काम में तेजी लाने का निर्देश दिया है। इसके लिए एक नोडल ऑफिसर भी अपॉइंट किया जाएगा।
बुलेट ट्रेन व्यापार और बिजनेस को मिलेगा बढ़ावा
इस बारे बताते हुए कर्नाटक के इंफ़्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मिनिस्टर एम. बी. पाटिल ने पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है। कॉरिडोर बनते ही बुलेट ट्रेन दोनों शहरों के बीच सफर की परिभाषा बदल देगी। इससे सफर न केवल तेज होगा बल्कि बिजनेस को भी नई रफ्तार मिलेगी। यह कॉरिडोर दक्षिण भारत के आर्थिक रिश्तों को और भी मजबूत बनाएगा। दोनों शहरों के बीच आना-जाना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा।
60-Words Summary:
बेंगलुरु-हैदराबाद के बीच 626 किमी लंबा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनने जा रहा है। इससे दोनों शहरों के बीच की दूरी महज 2 घंटे में तय होगी। यह ट्रेन 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। ट्रेन रुट्स में कुल 12 स्टेशन होंगे। मार्च 2026 तक इसकी फाइनल DPR रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट से IT प्रोफेशनल्स और बिजनेस सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी। दक्षिण भारत के साथ कनेक्शन भी मजबूत होगा।
