Bengaluru–Chennai Expressway से सफर होगा सुपरफास्ट, सिर्फ 3 घंटे में पहुंचेंगे Beach!


Bhawna Mishra

Bhawna Mishra

Mar 02, 2026



बेंगलुरु के लोगों के लिए अब समुद्र किनारे वेकेशन मनाना और भी आसान होगा। हाल ही में बन रहे इस नए एक्सप्रेसवे से मंगलुरु (Mangaluru) और कारवार  (Karwar) जैसे बीच बेहद करीब आ जाएंगे। 

बता दें कि फिलहाल इन जगहों तक पहुंचने में करीब सात घंटे का लंबा सफर तय करना पड़ता था। वहीं गोवा जाने के लिए यात्रियों को 12 घंटे से भी ज्यादा समय तक परेशानी उठानी पड़ती है।  लेकिन अब एक नया एक्सप्रेसवे तस्वीर बदलने वाला है। इस प्रोजेक्ट से यात्रा का समय कम होकर मात्र तीन घंटे रह जाएगा। ऐसे में अब बीच वेकेशन पर जाना बेहद आसान और तेज होगा।

बेंगलुरु से चेन्नई अब सिर्फ 3 घंटे में

बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे (NE-7) का काम अब आखिरी फेज में है। यह प्रोजेक्ट अपने सबसे चुनौतीपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है। ‘National Highways Authority of India (NHAI) के अनुसार, यह कॉरिडोर दक्षिण भारत के दो बड़े इकोनॉमिक सेंटर्स को जोड़ेगा। 263 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे 2027 की शुरुआत में आम जनता के लिए खोला जाएगा। 

‘NE-7’ के शुरू होते ही सफर का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा। जहां Bengaluru से Chennai पहुंचने में अभी 7 घंटे लगते हैं। वहीं नई सड़क से यही दूरी सिर्फ 2.5 से 3 घंटे में पूरी होगी। इससे न केवल सफर तेज होगा। समय भी बचेगा।

सिस्टम और प्रशासनिक चुनौतियों ने बढ़ाई डेडलाइन 

कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में कंस्ट्रक्शन का काम तेजी से आगे बढ़ा है। हालांकि, तमिलनाडु में कुछ टेक्निकल और एडमिनिस्ट्रेटिव इश्यूज के चलते प्रोजेक्ट में देरीहो रही है। ऐसे में अधिकारियों को प्रोजेक्ट डेडलाइन को आगे शिफ्ट करना पड़ा। गौरतलब है कि यह प्रोजेक्ट PM गति शक्ति प्रोग्राम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिसका फोकस बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग में सुधार करना है।

तीन राज्यों में एक्सप्रेसवे का काम तेजी से आगे

बताते चलें कि एक्सप्रेसवे को तीन राज्यों में 10 अलग-अलग कंस्ट्रक्शन पैकेज में बांटा गया है। फरवरी 2026 तक, कुल 263.2 किलोमीटर में से लगभग 235 किलोमीटर यानी 89% काम पूरा हो चुका है। सबसे पहले तो, कर्नाटक में Hoskote से Bethamangala तक का 71.7 किलोमीटर का हिस्सा तैयार है। 

इस हिस्से के शुरू होने से कोलार और KGF बेल्ट की ओर जाने वाले लोगों को ट्रैफिक से राहत मिलेगी। आंध्र प्रदेश में Palamaner से Chittoor तक लगभग 85 किलोमीटर का हिस्सा लगभग पूरा हो चुका है।

कब तक पूरा होगा ये प्रोजेक्ट?

बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे का काम अब 2027 तक टल गया है। तमिलनाडु में लगभग 85km सड़क तैयार हो चुकी है। लेकिन आखिरी 28.6 KM में चुनौतियां बनी हुई है। खासकर अरक्कोणम से कांचीपुरम तक का हिस्सा प्रोजेक्ट में बड़ी बाधा बना हुआ है। 

इन्हीं कारणों के चलते डेडलाइन को साल 2024/25 से बदलकर 2027 कर दी गई है। National Highways Authority of India (NHAI) ने अब डेवलपर बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिससे कंस्ट्रक्शन वर्क बिना किसी रुकावट आगे बढ़ सके।

फॉरेस्ट क्लीयरेंस में देरी से बढ़ा दबाव

इस बीच, पूर्वी घाट की पहाड़ियों में हार्ड-रॉक खुदाई भी काम में देरी का बड़ा कारण बनी है। इसके अलावा, फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने में हुई देरी ने टाइमलाइन को और आगे बढ़ा दिया। वही कांचीपुरम और श्रीपेरंबदूर में पिछले दो सालों में भारी बारिश ने और मुश्किलें बढ़ाईं। ऐसे में मिट्टी के काम के चलते शेड्यूल बार-बार रुक गया। गौरतलब है कि यह एक्सप्रेसवे बिल्कुल नया है। हर मोड़ पर नई चुनौतियां हैं। लेकिन प्रोजेक्ट टीम धीरे-धीरे इसे पूरा कर रही है।

इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को मिलेगी नई रफ्तार

होसकोटे और श्रीपेरंबदूर बड़े ऑटोमोबाइल हब हैं। नई एक्सप्रेसवे से इन क्षेत्रों में कारोबार और लॉजिस्टिक्स को बड़ा फायदा मिलेगा। रास्ते के पास स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर भी इसका लाभ उठाएगा। ऐसे में यहां तेजी से इंडस्ट्रीज बढ़ेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान में 17 बड़े फ्लाईओवर और 41 अंडरपास शामिल हैं। ये न केवल ट्रैफिक जाम को कम करेंगे और यात्रियों के लिए सफर और आरामदायक होगा। इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए इयथांडाहल्ली में 30 एकड़ का ‘वे-साइड एमेनिटी’ (WSA) कॉम्प्लेक्स भी बनाया जा रहा है।

हेलीपैड, ट्रॉमा सेंटर और टोल में 15% की कटौती

इस फैसिलिटी में लंबी दूरी के यात्रियों के लिए कई सुविधाएं होंगी। यहां एक ट्रॉमा सेंटर, हेलीपैड और बड़ा फूड कोर्ट बनाए जा रहे हैं। इस संबंध में, NHAI ने फरवरी 2026 से टोल टैक्स में करीब 15% की कटौती की है। यह नया रेट तब तक लागू रहेगा जब तक 2027 में पूरा एक्सप्रेसवे तैयार नहीं हो जाता। 

खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट पर ₹17,692 करोड़ का बड़ा निवेश किया जा रहा है। एक बार पूरा होने के बाद, यह प्रोजेक्ट दक्षिण भारत के लॉजिस्टिक्स और पैसेंजर ट्रांसपोर्ट को पूरी तरह आसान बना देगा। 

60- Word Summary:

बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे का काम अब आखिरी फेज में है। इस शानदार प्रोजेक्ट से समुद्र तट का 7 घंटे का सफर, मात्र 3 घंटे रह जाएगा। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में काम लगभग पूरा है। 263 किमी लंबा यह प्रोजेक्ट 2027 तक पूरा होगा। 89% काम खत्म हो चुका है। देरी के बावजूद यह कॉरिडोर दक्षिण भारत के इंडस्ट्री और लॉजिस्टिक्स को नई रफ्तार देगा। बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे (NE-7) 2027 तक तैयार होने की उम्मीद है। 


Bhawna Mishra
Bhawna Mishra
  • 511 Posts

She is a seasoned writer with a passion for Storytelling and a keen interest in diverse topics. With 2.5 years of experience, she excels in writing about Tech, Sports, Entertainment, and various Niche topics. Bhawna holds a Postgraduate Degree in Journalism and Mass Communication from St Wilfred’s College of Jaipur.

Subscribe Now!

Get latest news and views related to startups, tech and business

You Might Also Like

Recent Posts

Related Videos

   

Subscribe Now!

Get latest news and views related to startups, tech and business

who's online