कर्नाटक सरकार ने एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट लॉन्च किया है। इसे बेंगलुरु बिजनेस कॉरिडोर (BBC) नाम दिया गया है। खास बात यह है कि ये 73km लंबा और सिग्नल-फ्री एक्सप्रेसवे होगा। इसे शहर में ट्रैफिक कम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका फोकस बाहरी इलाकों की कनेक्टिविटी सुधारने पर भी है।
आठ लेन वाले इस एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर को पहले पेरिफेरल रिंग रोड के नाम से जाना जाता था। यह एक्सप्रेसवे बेंगलुरु के ट्रैफिक जाम को कम करने में मदद करेगा।

हाई-स्पीड और सिग्नल-फ्री कॉरिडोर
यह कॉरिडोर पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे होगा। इसका मतलब रूट में कोई भी ट्रैफिक सिग्नल नहीं लगाया जाएगा। बिना किसी रुकावट के आप सफर कर सकेंगे। हाईवे को इस तरह बनाया गया है कि कहीं भी कोई परेशानी न आए। इससे ट्रेवल टाइम भी काफी कम हो जाएगा।
क्यों खास है ये एक्सप्रेसवे?
इस शानदार एक्सप्रेसवे की कुछ खास बातें इसे बेहद मॉडर्न बनाती हैं। यहां सर्विस रोड के साथ 8-लेन का एक्सप्रेसवे होगा। इसके अलावा, रास्ते में कहीं भी कोई चौराहा या ट्रैफिक सिग्नल नहीं दिया जाएगा। वाहनों के आने-जाने के लिए केवल तय किए गए इंटरचेंज का ही इस्तेमाल होगा।
इसे खास तौर पर लंबी दूरी के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस एक्सप्रेसवे से आउटर रिंग रोड जैसी सड़कों पर जाम कम होने की उम्मीद है।
11 एंट्री- एग्जिट पॉइंट्स से ट्रैफिक मूवमेंट होगा आसान
इस प्रोजेक्ट में 11 प्रमुख इंटरचेंज बनाए जाएंगे। इनमें से ज्यादातर को ‘क्लोवरलीफ़’ डिजाइन में तैयार किया जाएगा। इससे गाड़ियों की आवाजाही बिना रुके हो सकेगी। ये इंटरचेंज कॉरिडोर को बेंगलुरु की मुख्य सड़कों से कनेक्ट करेंगे। इनमें तुमकुर रोड, बल्लारी रोड, ओल्ड मद्रास रोड, सरजापुर रोड और होसुर रोड शामिल हैं।
इसके अलावा हेन्नूर रोड और डोड्डाबल्लापुर रोड से भी डायरेक्ट कनेक्टिविटी मिलेगी। ये जंक्शन एंट्री और एग्जिट के मुख्य पॉइंट्स होंगे।
शहर के चारों ओर एक ट्रैफिक लूप
यह कॉरिडोर पूरे शहर को एक लूप की तरह आपस में जोड़ेगा। इससे बेंगलुरु के इकनोमिक और रेजिडेंशियल एरिया सीधे जुड़ जाएंगे। यह सफर उत्तर-पश्चिम बेंगलुरु में तुमकुर रोड से शुरू होगा। यहां से यह येलाहंका, व्हाइटफ़ील्ड और सरजापुर जैसे इलाकों से होकर गुजरेगा।
अंत में यह इलेक्ट्रॉनिक सिटी के पास होसुर रोड पर जाकर कनेक्ट होगा। रिंग को पूरा करने के लिए इसे NICE रोड से भी कनेक्ट किया जाएगा।
ट्रैफिक और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर
बेंगलुरु में करीब 1 करोड़ व्हीकल हैं। ऐसे में इस नए कॉरिडोर से शहर के ट्रैफिक में काफी राहत मिलने की उम्मीद है। लॉन्ग डिस्टेंस और फ्रेट कैरिंग व्हीकल को शहर के अंदर आने से रोकेगा। इससे मुख्य IT कॉरिडोर पर भीड़ कम होगी और समय की भी बचत होगी।
शहर के बाहरी इलाके में रियल एस्टेट और फैक्ट्री भी बढ़ेंगे। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह प्रोजेक्ट ट्रैफिक और बिजनेस दोनों के लिए मददगार होगा।
कब तक पूरा होगा ये प्रोजेक्ट?
बेंगलुरु का बिजनेस कॉरिडोर ₹27,000 करोड़ का एक मेगा प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए कई फेज में काम किया जाएगा। जमीन से जुड़ी चुनौतियों की वजह से पूरा कॉरिडोर एक साथ तैयार नहीं होगा। अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ सालों में प्रोजेक्ट पुरी तरह से तैयार होगा।
इसके कुछ हिस्सों पर कंस्ट्रक्शन पहले ही शुरू हो चुका है। फिलहाल सरकार इसे समय पर पूरा करने की पूरी कोशिश कर रही है।
60-Words Summary:
बेंगलुरु को जल्द ही नया हाई-स्पीड रिंग रोड मिलेगा। ₹27,000 करोड़ का यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह सिग्नल-फ्री होगा। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक कम करना और कनेक्टिविटी बढ़ाना है। इसमें 8 लेन और 11 एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स होंगे। इससे सफर तेज और आसान होगा। इससे भारी वाहन शहर के बाहर ही रहेंगे और समय की बचत होगी। इस प्रोजेक्ट से ट्रैफिक और कारोबार दोनों को फायदा होगा।
