हाल ही में देश के कई बड़े दूध ब्रांड क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए हैं। इस लिस्ट में Amul, Country Delight और Mother Dairy जैसे बड़े ब्रांड्स शामिल हैं। दरअसल इनके सैंपल निर्धारित स्टैण्डर्ड से काफी पीछे हैं। इन सैम्पल्स में कुछ में कंटैमिनेंट्स पाए गए। वही कुछ मामलों में क्वालिटी से जुड़ी अन्य कमियां भी सामने आई। इसके बाद फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर्स ने कड़ी चेतावनी जारी की है। प्रशासन अब इन कंपनियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने पर विचार कर रहा है।
ये ब्रांड देश के सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले दूध सप्लायरों में शामिल हैं। लाखों ही परिवार रोज़ाना इन ब्रांड्स पर भरोसा करते हैं। ऐसे में इस मामला के बाद लोगों की बीच चिंता बढ़ गई है।

क्वालिटी टेस्ट में हुए चौंकाने वाले खुलासे
सरकारी आदेश के बाद कई डेयरी टेस्टिंग सेंटर पर सैंपलिंग की गई। टेस्ट के दौरान कुछ सैंपल खराब पाए गए। फूड इंस्पेक्टर्स ने बताया कि दूध की शुद्धता, बनावट और स्वच्छता में काफी गड़बड़ हैं। हर ब्रांड में अलग-अलग खामियां थीं। हालांकि, कुछ सामान्य खामियां मिलीं। जैसे-
• तय सीमा से ज़्यादा गंदगी या मिलावट
• खराब हैंडलिंग या स्टोरेज के संकेत
• फैट या सॉलिड-नॉट-फैट (SNF) की गलत मात्रा
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन नतीजों का मतलब यह नहीं है कि हर पैकेट खराब है। हालांकि, नतीजें बताते हैं कि दूध बनाने या उसे दुकानों तक पहुंचाने के दौरान क्वालिटी पर ध्यान नहीं दिया गया।
क्या कहते हैं फूड सेफ्टी के नियम?
बता दें कि मार्केट में बिकने वाले दूध के लिए कड़े नियम तय किए गए हैं। इनका सबसे पहला उद्देश्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। डेयरी कंपनियों को दूध की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कुछ खास नियमों का पालन करना होता है। सबसे पहले शुद्धता और सफाई का ध्यान रखा जाता है।
साथ ही तय मात्रा फैट और सही पोषण संतुलन का होना भी आवश्यक है। दूध में किसी भी तरह की मिलावट या हार्मफुल एलिमेंट्स नहीं होने चाहिए। इसके अलावा, सही स्टोरेज और मजबूत कोल्ड-चेन सिस्टम भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। जिससे प्रोडक्ट की फ्रेशनेस बनी रहे।
टेस्ट फेल हुआ तो होगी कार्रवाई
डेयरी कंपनियों के लिए यह ज़रूरी है कि दूध को कई जगह पर टेस्ट किया जाए। ये टेस्ट खेत से दूध लेने से लेकर प्रोसेसिंग और दुकानों में सप्लाई किए जाने तक किए जाते हैं। इससे सुनिश्चित होता है कि दूध सुरक्षित है।
अगर डेयरी प्रोडक्ट्स इन टेस्ट में पास नहीं होते, तो फ़ूड सेफ़्टी अधिकारी कार्रवाई कर सकते हैं। वे नोटिस जारी कर सकते है। कंपनी को क्वालिटी में सुधार करने के लिए कह सकते हैं। नियम उल्लंघन करने पर पेनल्टी भी लग सकती है।
पैकेट वाले दूध आपके लिए कितने सुरक्षित?
इन रिपोर्ट्स ने कई परिवारों को चिंता में डाल दिया है। खासकर उन परिवारों में जहां बच्चे, बुज़ुर्ग या कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग रोज दूध का सेवन करते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फेल टेस्ट का मतलब यह नहीं कि सभी प्रोडक्ट्स रिस्की हैं। अक्सर समस्याएं सिर्फ़ कुछ खास लॉट या बैच तक ही लिमिटेड रहती हैं। ऐसी स्थिति में कंपनियां खराब बैच को फौरन रिटर्न करती हैं। या क्वालिटी सिस्टम में सुधार करती हैं। ऐसे में दूध खरीदते समय ध्यान रखें-
• बैच नंबर देखे
• सील पैकेजिंग चेक करें
• फ्रेशनेस इंडिकेटर देखें
• मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपीयरिंग डेट चेक करें
ब्रांड और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की राय
इस लिस्ट में शामिल डेयरी कंपनियों ने सभी आरोपों को लेकर सफाई दी है। वे मामले की जांच में अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं। इन कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि फार्म से लेकर पैकेजिंग तक सप्लाई चेन काफी कॉम्प्लिकेटेड है। इसमें कहीं भी चूक हो सकती है। ऐसे में कंस्यूमर्स का भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत क्वालिटी एश्योरेंस सिस्टम बहुत ज़रूरी हैं।
Summary:
देश के बड़े दूध ब्रांड जैसे Amul, Mother Dairy और Country Delight क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए हैं। कुछ सैंपल्स में मिलावट और फैट जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं। फूड सेफ्टी अधिकारियों ने इन कंपनियों पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। डेयरी कंपनियां इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे है। एक्सपर्ट्स का मानना हैं कि हर पैकेट अनसेफ नहीं है। लेकिन इसे खरीदते समय बैच नंबर, सील और एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें ।
