भारतीय एविएशन सेक्टर से चौंकाने वाली खबर आई है। नई एयरलाइन अलहिंद एयर (AlHind Air) चर्चा में है। बता दें कि एयरलाइन को हाल ही में जरूरी NOC मिला है। जिसके तुरंत बाद कुछ स्टाफ को अनपेड लीव पर भेज दिया गया। इस फैसले ने एविएशन इंडस्ट्री में हलचल बढ़ा दी है।
ऐसे में एयरलाइन की स्ट्रेटेजी, ऑपरेशनल तैयारी और फाइनेंशियल प्लानिंग पर चर्चा तेज हो गई है।

क्या है पूरा मामला?
बता दें कि अलहिंद एयर (AlHind Air) को हाल ही में कमर्शियल फ्लाइट शुरू करने के लिए मंजूरी मिल गई है। इसके बाद एयरलाइन ने कुछ कर्मचारियों को अनपेड लीव पर भेजा। यह फैसला टेम्पररी बताया जा रहा है। यह उन कर्मचारियों पर लागू हुआ है। जो ट्रेनिंग, डॉक्यूमेंटेशन और ऑपरेशनल तैयारी से जुड़े थे।
एयरलाइन ने क्यों उठाया यह कदम?
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले के पीछे कई कारण हो सकते हैं। जैसे-
1. कैश फ्लो और कॉस्ट मैनेजमेंट
सबसे बड़ी वजह कैश फ्लो और खर्च कंट्रोल मानी जा रही है। एयरलाइन शुरू करना महंगा होता है। एयरक्राफ्ट लीज़, स्लॉट, ट्रेनिंग और सिस्टम सेटअप पर भारी खर्च आता है। रेगुलेटरी नियम पूरे करने में भी कॉस्ट बढ़ती है। ऐसे में संभावना है कि अलहिंद एयर (AlHind Air) अंतिम ऑपरेशनल अप्रूवल या फंडिंग का इंतजार कर रही हो।
2. लॉन्च से पहले स्टाफ एडजस्टमेंट
एयरलाइंस कभी-कभी अपने शुरुआती ऑपरेशनल फेज में स्टाफ लेवल को ऑप्टिमाइज करती हैं। यह फैसला मौजूदा रिक्विरेमेंट के हिसाब से लिया जाता है। एम्प्लॉयीज को नौकरी से निकालने के बजाय, उन्हें अनपेड लीव दी जाती है। इससे एम्प्लॉयीज कंपनी के साथ बने रहते हैं। वहीं, पीक डिप्लॉयमेंट पीरियड शुरू होने से पहले पूरी सैलरी देने का खर्च भी नहीं बढ़ता।
3. रेगुलेटरी और लॉजिस्टिक्स में देरी
एयरलाइंस को लॉन्च के समय अक्सर देरी होती है। यह देरी अलग-अलग कारणों से हो सकती है। कभी नियमों की वजह से। कभी इंफ्रास्ट्रक्चर या लॉजिस्टिक्स के कारण। अगर ऑपरेशंस थोड़े समय के लिए रुक जाते हैं, तो स्टाफ की तुरंत ज़रूरत नहीं रहती। ऐसे में जब तक लॉन्च डेट तय नहीं होती, तब तक अनपेड लीव दी जाती है।
अनपेड लीव पर एम्प्लॉयीज का रिएक्शन
अनपेड लीव के फैसले पर कर्मचारियों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिली हैं। कुछ कर्मचारियों ने मैनेजमेंट की स्ट्रेटेजी को समझा है। वहीं, कई एम्प्लॉयीज अपनी इनकम को लेकर चिंता में हैं। ऐसे में वह चाहते हैं कि मैनेजमेंट इस मामले पर साफ-साफ जानकारी साझा करें।
एविएशन इंडस्ट्री की राय
एक्सपर्ट्स का कहना हैं कि स्टार्टअप और नई एयरलाइंस में ऐसे फैसले बहुत आम हैं। एयरलाइन कंपनी शुरू करते समय कैश फ्लो संभालना बहुत जरूरी है। सही स्टाफ प्लानिंग भी बहुत मायने रखती है। इसके अलावा, एम्प्लॉयीज का भरोसा बनाए रखने के लिए बेहतर कम्युनिकेशन भी अहम भूमिका निभाता है। खासकर जब कोई कंपनी NOC हासिल करने जैसा बड़ा माइलस्टोन अचीव करती है।
Summary:
कमर्शियल फ्लाइट की मंजूरी मिलने के बाद नई एयरलाइन अलहिंद एयर (AlHind Air) ने कुछ कर्मचारियों को अनपेड लीव पर भेजा है। यह फैसला ट्रेनिंग, डॉक्यूमेंटेशन और ऑपरेशनल तैयारी से जुड़े स्टाफ पर लागू हुआ है। इसके पीछे कैश फ्लो मैनेजमेंट, स्टाफ एडजस्टमेंट और रेगुलेटरी देरी जैसे कारण हो सकते हैं। इस फैसले पर कर्मचारियों की प्रतिक्रिया मिली-जुली है।अब सबकी नजरें एयरलाइन की आगे की रणनीति पर हैं।
