एयर इंडिया (Air India) ने अपने इंटरनेशनल लॉन्ग-हॉल नेटवर्क में महत्वपूर्ण बदलाव करने का फैसला किया है। दरअसल एयरलाइन ने कुछ प्रमुख नॉन-स्टॉप रूट्स को बंद करने की घोषणा की है। 1 मार्च से मुंबई-सैन फ्रांसिस्को और बेंगलुरु-सैन फ्रांसिस्को के बीच डायरेक्ट फ्लाइट नहीं चलेंगी। एयर इंडिया के इस फैसले से इंटरनेशनल ट्रैवल डायनेमिक्स बदल सकते हैं। इस फैसले के चलते भारत और अमेरिकी वेस्ट कोस्ट के पैसेंजर्स को नए ऑप्शंस देखने पड़ सकते हैं।

क्या है एयर इंडिया के फैसले के पीछे की वजह?
बता दें कि एयरलाइंस समय-समय पर अपने रूट नेटवर्क की रिव्यु करती हैं। एयरलाइन यह तय करती है कि कितने लोग उस रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस इवैल्यूएशन में ऑपरेटिंग कॉस्ट और प्रॉफिट भी अहम फैक्टर हैं। लंबी दूरी की इंटरकॉन्टिनेंटल फ्लाइट के लिए मजबूत पैसेंजर लोड जरूरी होता है।
इन रूट्स पर बेहतर रिटर्न मिलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। एयर इंडिया ने ये डायरेक्ट फ्लाइट बंद की हैं। इसका मतलब है कि अब ये रूट फायदे में नहीं थे।
इसके अलावा एयरलाइन का कहना है कि इस बदलाव के पीछे कई अन्य कारण भी हैं। सबसे बड़ा कारण है पैसेंजर्स की डिमांड में उतार-चढ़ाव। इसके अलावा, कोरोना महामारी के बाद भी ट्रेवल पैटर्न में कुछ बदलाव देखने को मिले हैं।
मुंबई और बेंगलुरु से सैन फ्रांसिस्को के लिए डायरेक्ट फ्लाइट्स बंद
मुंबई और बेंगलुरु से सैन फ्रांसिस्को की नॉन-स्टॉप फ्लाइट्स अब बंद हो रही हैं। ऐसे में जो भी पैसेंजर्स इन डायरेक्ट फ्लाइट्स पर भरोसा करते थे। उन्हें अपने प्लान चेंज करने होंगे। अब उन्हें कनेक्टिंग फ्लाइट या सिंगल स्टॉप वाली फ्लाइट लेनी पड़ सकती है।
एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस पहले से ही कनेक्टिंग फ्लाइट्स का ऑप्शन दे रही हैं। ये फ्लाइट्स यूरोप और मिडिल ईस्ट के प्रमुख शहरों से होकर गुजरती हैं। इन रूट्स के ज़रिए यात्री एक स्टॉप के साथ सैन फ्रांसिस्को पहुंच सकते हैं।
हालांकि कनेक्टिंग फ्लाइट्स से यात्रा का कुल समय बढ़ जाता है। लेकिन इसके बदले यात्रियों को किफायती किराए मिलते हैं। साथ ही फ्लाइट शेड्यूल को लेकर ज़्यादा ऑप्शन भी होते हैं।
बिज़नेस और लेज़र ट्रैवल पर असर
भारत और अमेरिका के वेस्ट कोस्ट के बीच नॉन-स्टॉप फ्लाइट्स यात्रियों के लिए अहम रही हैं। यह बिना किसी स्टॉप के पैसेंजर्स की सुविधा खास तौर पर बिज़नेस ट्रैवलर्स को आकर्षित करती है।
टेक प्रोफेशनल्स और टूरिस्ट्स भी इन फ्लाइट्स को प्राथमिकता देते हैं। सैन फ्रांसिस्को को एक ग्लोबल टेक हब माना जाता है। यह शहर भारत को बड़े बिज़नेस सेंटर्स से जोड़ता है। साथ ही इनोवेशन और टेक सेक्टर के लिए यह एक महत्वपूर्ण लिंक है।
कनेक्टिंग फ्लाइट्स की ओर शिफ्ट होने से बिज़नेस पैसेंजर्स का सफर लंबा हो सकता है। ट्रेवल टाइम बढ़ने की संभावना रहती है। हालांकि कनेक्टिंग रूट्स कुछ फायदे भी देते हैं। इनसे डिपार्चर टाइम को लेकर ज़्यादा फ्लेक्सिबल मिलता है।
रूटिंग के ऑप्शन भी बढ़ जाते हैं। यह कुछ पैसेंजर्स के लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है। खासतौर पर उनके लिए जो कन्वीएंस और कॉस्ट सेविंग ऑप्शन देख रहे है।
एयर इंडिया की नेटवर्क स्ट्रेटेजी
एयर इंडिया का यह फैसला नेटवर्क में बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है। फिलहाल एएयरलाइन अपने रूट नेटवर्क को दोबारा व्यवस्थित कर रही है। कैपेसिटी प्लानिंग पर भी दोबारा ध्यान दिया जा रहा है। एयर इंडिया बदलते मार्केट कंडीशन के अनुसार अपनी स्ट्रेटेजी में बदलाव कर रही है। एयरलाइन अपने इंटरनेशनल नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
Summary:
एयर इंडिया ने इंटरनेशनल नेटवर्क में बड़ा बदलाव किया है। 1 मार्च से मुंबई और बेंगलुरु से सैन फ्रांसिस्को की डायरेक्ट फ्लाइट्स बंद होंगी। इसका मुख्य कारण कम डिमांड और बढ़ती लागत हैं। अब पैसेंजर्स को कनेक्टिंग फ्लाइट्स का सहारा लेना होगा। ये फ्लाइट्स यात्रा में थोड़ा समय बढ़ा सकती हैं। इस बदलाव से इंटरनेशनल ट्रैवल डायनेमिक्स पर असर पड़ेगा।
