दुनिया भर में इंडस्ट्रीज़ तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अपना रही हैं। लेकिन नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च (NBER) की नई स्टडी ने AI को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, AI का असर उम्मीद से कम रहा है। इस सर्वे में शामिल 90 प्रतिशत से ज्यादा कंपनियों ने अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि पिछले तीन सालों में AI से न तो रोज़गार बदला। न ही लेबर प्रोडक्टिविटी में कोई बदलाव आया है।

AI इस्तेमाल पर कंपनियों की राय
इस स्टडी के दौरान रिसर्चर्स ने अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत इकोनॉमी में करीब 6,000 सीनियर एग्जीक्यूटिव्स से बात की। इस दौरान चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। उनके अनुसार AI का इस्तेमाल तो हो रहा है, लेकिन बहुत सीमित स्तर पर। वही करीब दो-तिहाई एग्जीक्यूटिव्स ने कहा कि वे AI का उपयोग करते हैं। लेकिन इसका एवरेज समय हफ्ते में सिर्फ 1.5 घंटे ही है। वही लगभग 25 प्रतिशत कंपनियों ने बताया कि वे अपने कामकाज में AI का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करते।
एम्प्लॉयमेंट और प्रोडक्टिविटी पर AI का प्रभाव
AI सिस्टम्स में बड़े-बड़े निवेश किए गए हैं। इसके बावजूद कंपनियों को अब तक इसका फायदा नहीं मिला। खासकर एम्प्लॉयमेंट लेवल्स और प्रोडक्टिविटी पर AI का कोई खास असर नहीं दिखा। तीन साल की स्टडी में, 90% से ज्यादा कंपनियों ने कहा कि एम्प्लॉयमेंट में कोई बदलाव नहीं हुआ। वही लगभग 89 प्रतिशत ने माना कि AI का प्रोडक्टिविटी पर कोई असर नहीं पड़ा।
डेटा प्रोसेसिंग और कंटेंट क्रिएशन में AI का इस्तेमाल
कई फर्म्स में AI का इस्तेमाल बहुत कम हो रहा है। ये कंपनियां डीप ऑटोमेशन की बजाय बेसिक टास्क पर फोकस कर रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आमतौर पर AI का इस्तेमाल टेक्स्ट और विज़ुअल कंटेंट क्रिएशन में हो रहा है। इसके अलावा, डेटा प्रोसेसिंग के लिए भी इसका उपयोग किया जा रहा है। देखा जाए तो AI का इस्तेमाल केवल असिस्टेंट टूल की तरह ही हो रहा है।
भविष्य में AI से बढ़ेगी प्रोडक्टिविटी
भले ही AI का असर फिलहाल कम दिख रहा हो। हालांकि भविष्य में इसके कई फायदों की उम्मीद कि जा रही हैं। एग्जीक्यूटिव्स का मानना है कि जैसे-जैसे AI का इस्तेमाल बढ़ेगा, प्रोडक्टिविटी में 1.4 प्रतिशत तक का सुधार आएगा। धीरे-धीरे लोग AI को अपना रहे हैं। वही कुछ कंपनियों ने ऑटोमेशन के कारण जॉब्स में कट ऑफ कि उम्मीद जता रही हैं। इसके विपरीत, सर्वे में कई लोगों का मानना है कि भविष्य में AI रोज़गार बढ़ा सकती है।
इस सर्वे की तुलना पहले की टेक्नोलॉजी से की जा रही हैं। पहले भी कंप्यूटर जैसी नई टेक्नोलॉजी से शुरू में प्रोडक्टिविटी नहीं बढ़ी। फिर समय के साथ इसका फायदा साफ नजर आया। इसका मतलब है किAI भविष्य में बदलाव ला सकता है। लेकिन इसका असर दिखने में समय लगेगा।
60 Word Summary:
दुनिया भर की कंपनियां तेजी से AI अपना रही हैं। लेकिन NBER की स्टडी में पाया गया कि तीन साल में AI का लिमिटेड रहा। AI का इस्तेमाल ज्यादातर टेक्स्ट, विज़ुअल कंटेंट और डेटा प्रोसेसिंग तक सीमित है। एग्जीक्यूटिव्स भविष्य में प्रोडक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद रखते हैं। हालांकि इसका असर दिखने में समय लग सकता है।
