बेंजामिन फ्रैंकलिन के एक फेमस क्वोट के अनुसार,मौत और टैक्स से कोई नहीं बच सकता। लेकिन आज के दौर में यह हर जगह सच नहीं है। खासकर कमाई पर लगने वाले टैक्स के मामले में यह बात अलग है। ज्यादातर देशों में सरकार आपकी सैलरी का एक हिस्सा, टैक्स के तौर पर वसूलती है। लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं, जहां इनकम टैक्स जीरो है।

इन गल्फ देशों में नहीं लगता कोई टैक्स
जी हां, यहां काम करने वालों को अपनी कमाई का एक भी पैसा सरकार को नहीं देना पड़ता। यहां लोग बिना किसी डर के अपनी पूरी सैलरी अपने पास रखते हैं।
टैक्स फ्री देशों की लिस्ट में कई गल्फ देश शामिल हैं। इनमें UAE और सऊदी अरब प्रमुख नाम हैं। ओमान, कतर और कुवैत में भी कोई इनकम टैक्स नहीं लगता है। वही मिडिल ईस्ट के बाहर भी ऐसे कई देश मौजूद हैं। बहामास और मोनाको जैसे देशों में लोग टैक्स नहीं देते। इसके अलावा, सेंट किट्स एंड नेविस में भी जीरो टैक्स अप्लाई होती है।
UAE में नौकरी करने वालों को टैक्स से राहत
बता दें की संयुक्त अरब अमीरात में व्यक्तियों पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगाता। यहां सैलरी पूरी की पूरी कर्मचारियों के अकाउंट में जाती है। हालांकि, सरकार अन्य तरीकों से टैक्स वसूलती है। गुड्स और सर्विस पर 5% वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) लगाया जाता है। कुछ हानिकारक उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी भी लागू है।
दरअसल UAE में व्यक्तियों, निवेशकों और ज़्यादातर कंपनियों को इनकम टैक्स से छूट मिली हुई है। यहां कमाए गए प्रॉफिट को पूरी तरह विदेश भेजा जा सकता है।
सऊदी अरब में जीरो इनकम टैक्स
संयुक्त अरब अमीरात की तरह सऊदी अरब में भी कमाई पर पर्सनल इनकम टैक्स नहीं लगाता। यहां नौकरी करने वालों को अपनी पूरी सैलरी मिलती है।
हालांकि, सभी तरह की इनकम टैक्स फ्री नहीं है। गैर-रोज़गार आय पर एंटिटी लेवल पर टैक्स लगाया जा सकता है। वही, नॉन- रेसिडेंट्स पर विदहोल्डिंग टैक्स के नियम भी लागू होते हैं। साथ ही, सऊदी अरब विदेशी निवेशकों को खास वीज़ा भी देता है। इसे ‘प्रीमियम रेजिडेंसी वीज़ा’ कहा जाता है।
Tax Free इनकम और बिज़नेस इंसेंटिव
इस बीच, गल्फ देश अब टैक्स-फ्री सैलरी और खास बिज़नेस इंसेंटिव दे रहे हैं। कुवैत में पर्सनल इनकम टैक्स नहीं लगता। हालांकि सिर्फ एक शर्त है। वह व्यक्ति किसी विदेशी कंपनी के लिए नॉमिनी शेयरहोल्डर के तौर पर काम नहीं कर रहा हो। कर्मचारियों की सैलरी पूरी तरह टैक्स-फ्री रहती है।
ओमान में अभी पर्सनल इनकम टैक्स लागू नहीं है। लेकिन सरकार ‘1 जनवरी 2028’ से इसे शुरू करने की योजना बना रही है। यह टैक्स केवल उन लोगों पर लागू होगा, जिनकी एनुअल इनकम OMR 42,000 से ज्यादा है।
कतर में टैक्स-फ्री सैलरी और निवेश पर छूट
इस सभी देशों के अलावा, कतर में भी पर्सनल इनकम टैक्स लागू नहीं है। एम्प्लॉयीज की सैलरी पूरी की पूरी उनके पास रहती है। बिज़नेस को फिक्स्ड कॉर्पोरेट टैक्स देना पड़ता है। लेकिन व्यक्तियों को कैपिटल गेन, डिविडेंड और इन्वेस्टमेंट इनकम पर भी छूट मिलती है। दुनिया के इन कुछ खास कोनों में, लोग अपनी कमाई बिना किसी रोक-टोक के अपने पास रख सकते हैं।
Summary:
दुनिया के कई देशों में इनकम टैक्स नहीं लगता है। खासकर गल्फ देश जैसे UAE, सऊदी अरब, कुवैत, ओमान और कतर में कर्मचारियों की सैलरी पूरी टैक्स-फ्री रहती है। यहां लोग बिना डिडक्शन के पूरी कमाई अपने पास रखते हैं। निवेश और बिज़नेस पर भी कई देशों में छूट मिलती है। मिडिल ईस्ट के बाहर बहामास और मोनाको भी ‘टैक्स फ्री’ देश हैं। यहां निवेशकों और कर्मचारियों को अपनी पूरी कमाई रखने की आजादी मिलती है।
